मानसून के दौरान ही देना चाहिए था ध्यान
अलका गुर्जर का कहना है कि हर साल मानसून के दौरान ही पता चल जाता है कि प्याज की पैदावार कैसी होने वाली है। अगर मानसून आने में थोड़ी देरी हो तो सरकार को समय रहते प्याज का भंडारण करना चाहिए था। ऐसा नहीं करने से प्याज की किल्लत होना तय है। राजस्थान सरकार ने भंडारण की कोई व्यवस्था नहीं की। अब प्याज की अचानक कमी होने से प्याज के भाव 90 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए। अलका गुर्जर का कहना है कि सरकार तो सिर्फ झूठी गारंटियां देने में व्यस्त रही और टमाटर के बाद अब प्याज आम आदमी की पहुंच से दूर हो गए।टमाटर के बाद अब प्याज आम आदमी की पहुंच से दूर, बीजेपी ने कांग्रेस सरकार को ठहराया जिम्मेदार
जयपुर : राजस्थान में इन दिनों प्याज की कीमतें आसमान छू रही है। खुदरा बाजार में प्याज 90 रुपए किलो में बेचा जा रहा है। पिछले करीब 20 दिन से प्याज हर दिन 20 से 30 रुपए किलो महंगे हो रहे हैं। प्याज की बढ़ी कीमतों के लिए भाजपा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। बीजेपी की राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर का कहना है कि प्रदेश सरकार के कुप्रबंधन और गलत नीतियों के कारण महंगाई बढ़ती जा रही है। सरकार ने समय रहते प्याज के भंडारण की व्यवस्था नहीं की थी। इसी कारण प्याज की कमी हो गई और कीमतें तेजी से बढ़ गई है।











