IIT-BHU में 1 नवंबर की रात गैंगरेप के बाद तीनों आरोपी घर जाकर सो गए थे। वारदात के 3 दिन तक यह वाराणसी में ही रहे। इस दौरान ये सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहे। आरोपी कुणाल पांडेय ने यूपी के मंत्री की पोस्ट भी शेयर की। इसके बाद तीनों मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में BJP प्रत्याशी की कैंपेनिंग के लिए चले गए थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात के बाद कुणाल ने सक्षम और अभिषेक को जिवधीपुर, बजरडीहा में उनके घरों पर छोड़ा। इसके बाद अपने घर बृज एन्क्लेव कॉलोनी, सुंदरपुर चला गया। वाराणसी में 3 दिन रहने के दौरान उन्होंने ज्यादा लोगों से मुलाकात नहीं की, सिर्फ काम से निकलते थे और वापस घर आ जाते थे।
वारदात के करीब 60 दिन बाद यानी 30 दिसंबर को BJP IT सेल में काम करने वाले तीनों आरोपियों को वाराणसी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लेकिन सवाल है कि ये तीनों 60 दिनों तक कहां थे?
IIT-BHU में 1 नवंबर की रात गैंगरेप के बाद तीनों आरोपी घर जाकर सो गए थे। वारदात के 3 दिन तक यह वाराणसी में ही रहे। इस दौरान ये सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहे। आरोपी कुणाल पांडेय ने यूपी के मंत्री की पोस्ट भी शेयर की। इसके बाद तीनों मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में BJP प्रत्याशी की कैंपेनिंग के लिए चले गए थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात के बाद कुणाल ने सक्षम और अभिषेक को जिवधीपुर, बजरडीहा में उनके घरों पर छोड़ा। इसके बाद अपने घर बृज एन्क्लेव कॉलोनी, सुंदरपुर चला गया। वाराणसी में 3 दिन रहने के दौरान उन्होंने ज्यादा लोगों से मुलाकात नहीं की, सिर्फ काम से निकलते थे और वापस घर आ जाते थे।
वारदात के करीब 60 दिन बाद यानी 30 दिसंबर को BJP IT सेल में काम करने वाले तीनों आरोपियों को वाराणसी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लेकिन सवाल है कि ये तीनों 60 दिनों तक कहां थे?
BJP IT सेल के प्रमुख बोले-हमारे यहां बुलाने की बात गलत
वाराणसी IT सेल में काम करने वाले तीनों आरोपी वारदात के बाद मध्य प्रदेश चुनाव की कैंपेनिंग के लिए जाने की बात सामने आई थी। मध्यप्रदेश के BJP IT सेल के प्रमुख अभिषेक शर्मा से बात की। उन्होंने बताया कि हमारी पूरी टीम इनहाउस है। यह काफी बड़ी है। ऐसे में बाहर से किसी को बुलाकर मदद लेने की बात पूरी गलत है।
वह बताते हैं कि ऑफिशियली सिर्फ मेरी टीम में 10 हजार लोग हैं। इसमें पोजिशन होल्डर, डिस्ट्रिक्ट, मंडल, लोकसभा या विधानसभा क्षेत्र में लोग हैं। जहां तक वाराणसी के आरोपियों की बात है, तो उन लोगों ने मेरी टीम को जॉइन नहीं किया।
रीवा के एक कैंडिडेट के लिए कर रहे थे सोशल मीडिया कैंपेनिंग
बताया कि कुणाल, सक्षम और अभिषेक उर्फ आनंद वारदात के बाद मध्यप्रदेश चले गए थे। लेकिन BJP के सेंट्रल IT सेल के लिए काम नहीं कर रहे थे। ये लोग रीवा में किसी कैंडिडेट के सोशल मीडिया कैंपेन को देख रहे थे। ऐसा भी नहीं है कि आरोपी वहां लगातार रह रहे थे। वे इस बीच कई बार रीवा से वाराणसी आते-जाते रहते थे।
क्या तीनों आरोपी रीवा में प्रत्याशी के लिए कैंपेनिंग कर रहे थे? इस सवाल पर मध्यप्रदेश में BJP IT सेल के प्रमुख अभिषेक शर्मा ने बताया कि इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
वारदात के अगले दिन कुणाल ने यूपी के मंत्री की पोस्ट शेयर की
BJP IT सेल के महानगर संयोजक और गैंगरेप के आरोपी कुणाल की सोशल मीडिया पोस्ट को सर्च करने पर पता चला है कि उसने वारदात के अगले दिन 3 नवंबर को यूपी के मंत्री स्वतंत्र देव की पोस्ट शेयर की। दरअसल, मध्यप्रदेश की सतना विधानसभा सीट से BJP सांसद गणेश सिंह चुनाव लड़ रहे थे।
उनके कार्यक्रम की फोटो यूपी के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की थी। इसी को कुणाल ने शेयर किया था। सतना से रीवा की दूरी 60 किमी है। सूत्रों के मुताबिक, तीनों आरोपी BJP के सोशल मीडिया कैंपेन से जुड़ने रीवा गए थे।
कुणाल ने गिरफ्तारी से पहले भी किया पोस्ट
यही नहीं, फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने दावा किया कि गिरफ्तारी वाले दिन, यानी 30 दिसंबर को शाम 5 बजकर 33 मिनट पर कुणाल ने BJP से जुड़ी पोस्ट की। हमने कुणाल के साथी सक्षम के सोशल मीडिया अकाउंट को खंगाला,तो पता चला कि जून-जुलाई के बाद कोई पोस्ट नहीं है। एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट बंद है।
मोहम्मद जुबैर ने अपने X अकाउंट पर कुणाल की सोशल मीडिया पोस्ट के कुछ स्क्रीन शॉट शेयर किए हैं। इसमें 25 नवंबर की एक पोस्ट है। 4 दिसंबर की एक पोस्ट लखनऊ की है। इसमें वो मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के साथ दिख रहा है।
आरोपी अभिषेक के परिवार पर दर्ज है छेड़खानी का मुकदमा
पड़ोसी ने बताया, ''अभिषेक के पिता मुन्ना चौहान साड़ी के कारखाने में काम करते हैं। भाई सूरज चौहान पोस्टर चिपकाने का काम करता है। अभिषेक BJP से जुड़ा है। जिवधीपुर बजरडीहा में करीब 500 से 600 स्क्वायर फीट में उसका घर है।''
महिला ने अभिषेक के परिवार पर लगाया आरोप
अभिषेक के घर से करीब 20 कदम दूर एक महिला से हमारी मुलाकात हुई। उसने बताया कि जून 2022 में अभिषेक के घरवालों ने मेरे ऊपर कमेंट किया था। इस बात को लेकर झगड़ा भी हुआ था। महिला ने अभिषेक के परिवार पर छेड़खानी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि, इस FIR में अभिषेक का नाम नहीं था।
BHU में किससे मिलने जाते थे आरोपी, छानबीन शुरू
छानबीन में सामने आया है कि 1 नवंबर की रात ये तीनों आरोपी चेतगंज इलाके के नक्कट्टैया लक्खा मेला को देखकर निकले। इसके बाद इन्होंने रास्ते में एक जगह पर रुककर शराब पी। फिर BHU कैंपस पहुंचे। वहां, रात करीब 1:30 बजे लड़की को दोस्त के साथ टहलता देख तीनों ने बुलेट रोक ली। उन्होंने पहले पीड़िता के दोस्त को भगा दिया।
इसके बाद जोर-जबरदस्ती, कपड़े उतरवाए, वीडियो बनाया और गैंगरेप किया। इसके बाद BHU के हैदराबाद गेट से तीनों बाहर निकल गए। ये भी पता चला कि तीनों आरोपी अक्सर शराब पीकर BHU कैंपस में जाया करते थे। ये किसके पास जाते थे, इसकी भी छानबीन चल रही है।
BHU कैंपस में गैंगरेप के आरोपियों के पोस्टर लगाए गए
इधर, BHU कैंपस में छात्र संगठनों में इस मामले को लेकर काफी गुस्सा है। मेन गेट पर रोजाना छात्र-छात्राओं का विरोध प्रदर्शन हो रहा है। मंगलवार को BHU कैंपस में गैंगरेप के आरोपियों के पोस्टर चस्पा किए गए। इनमें आरोपियों की भाजपा नेताओं के साथ की फोटो भी है। पोस्टर लगने के बाद से ही BHU प्राक्टोरियल बोर्ड अलर्ट हो गया है। हालांकि, इन पोस्टर्स को किस संगठन ने या किन छात्रों ने लगाया है ये पता नहीं चल पाया है।











