शिक्षकों, बच्चों के बाद अब केके पाठक की नजर 'स्पेशल 38' पर टेढ़ी, 'TTA' वाले प्लान के बारे में भी जान लीजिए
पटना: बिहार शिक्षा विभाग के ACS केके पाठक ने स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए एड़ी चोट का जोर लगा रखा है। हालांकि उनके इस अभियान में सबसे ज्यादा गाज शिक्षकों और स्कूल से गैरहाजिर रहने वाले बच्चों पर गिरी है। डर ऐसा कि स्कूल में अगर किसी और की भी गाड़ी घुस गई, तो अंदर खलबली मच जाती है। सबको इसी बात का डर रहता है कि कहीं 'पाठक सर' न धमक जाएं। पहले केके पाठक ने स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को सुनिश्चित किया, तो फिर उसके बाद बच्चों को स्कूल लाने के लिए भी कड़े कदम उठाए। लेकिन अब उनकी नजरें 'स्पेशल 38' पर टेढ़ी हो गई हैं। नया फरमान भी जारी कर दिया गया है।केके पाठक का 'TTA'
केके पाठक ने इस दौरान जो सबसे बड़ा प्लान शुरू किया वो है 'TTA'। जैसे सियासी गलियारों में TTM का मतलब ताबड़तोड़ तेल मालिश होता है वैसे ही केके पाठक के TTA का मतलब है ताबड़तोड़ एक्शन। जहां जिसकी गलती मिले, फौरन नाप डालो... यही केके पाठक का फॉर्म्युला है। चर्चा तो ये भी है कि इस फॉर्म्युले के आगे वो किसी मंत्री-संतरी तक की नहीं सुनते। उनके टीटीए यानी ताबड़तोड़ एक्शन का डर पहले टीचरों में बैठा, फिर छात्रों में। अब यही TTA प्लान बिहार के खास 38 अफसरों के लिए तैयार किया गया है।
'स्पेशल 38' पर KK Pathak की नजर टेढ़ी
इसी कड़ी में बिहार के 38 अफसरों पर भी केके पाठक की नजर टेढ़ी होती दिख रही है। शिक्षकों और छात्रों के बाद अब इन अफसरों के लिए शिक्षा विभाग से फरमान जारी हो गया है। ये अलग बात है कि इससे पहले कई फरमान इन अफसरों के नाम से जारी किए गए थे। टीवी चैनलों की रिपोर्ट के मुताबिक केके पाठक ने बिहार के सभी 38 जिलों के DEO यानी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर के साथ VC (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) की। इसी दौरान ये तय कर दिया गया कि अब डीईओ हर दिन एक स्कूल में जाएंगे, वहां का हाल देखेंगे और शाम तक इसकी रपट शिक्षा विभाग के अफसरों को VC के जरिए होने वाली बैठक में देंगे।
बिहार के सभी DEO के लिए 15 दिन का प्लान
ACS और कड़क आईएएस केके पाठक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वो 15 दिन में किन 15 स्कूलों का निरीक्षण करेंगे, इसकी सूची भेजें। यही नहीं, निरीक्षण के बाद स्कूल में छात्रों का अटेंडेंस, एडमिशन से लेकर साफ-सफाई, स्मार्ट क्लास तक का हाल देखें और उसकी रिपोर्ट भेजें। जाहिर है कि केके पाठक ने पहले जड़ को ठीक किया और अब वो शाखों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं।











