किसी दूसरे मरीज का एक्स-रे देखकर डाक्टर ने दाढ़ निकलवाने की दे दी सलाह

किसी दूसरे मरीज का एक्स-रे देखकर डाक्टर ने दाढ़ निकलवाने की दे दी सलाह

भोपाल । जेपी अस्पताल में एक बार फिर उपचार के प्रति लापरवाही पूर्ण रवैये की बानगी उजागर हुई है। यदि मरीज चिकित्सक की बात मानकर इलाज शुरू करा देता तो उसको जो नुकसान होता उसकी भरपाई करना मुश्किल हो जाता। लेकिन मरीज ने सतर्कता बरतते हुए सेकंड ओपिनियन के लिए एक निजी अस्पताल का रुख किया तो वहां पता चला कि उसे वह बीमारी ही नहीं है, जिसका इलाज जिला अस्पताल के चिकित्सक बता रहे थे।

दाढ़ से अक्सर खून आता था

समीर सूफी नाम का एक मरीज छह फरवरी को जेपी अस्पताल पहुंचा। उसकी दाढ़ से अक्सर खून आता रहता है, यही समस्या लेकर वह जेपी अस्पताल गया और यहां डा. यश से चेकअप कराया। डा. यश ने मरीज का एक्स-रे कराने को कहा। एक्स-रे जेपी अस्पताल में ही हुआ था, लेकिन डाक्टर ने किसी अन्य मरीज की एक्स-रे रिपोर्ट देखकर मरीज समीर से कहा कि आपकी दाढ़ सड़ गई है तो इसे निकालना होगा। मरीज ने इस बात पर आपत्ति भी ली और कहा कि मुझे भोजन चबाने में कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन चिकित्सक ने मरीज की बात को नकार दिया और दाढ़ निकलवाने की राय देता रहा।

मरीज ने कराया फिर से एक्स-रे

जेपी अस्पताल से निराश होकर लौटे समीर सूफी ने आठ फरवरी को करोंद स्थित पीपुल्स डेंटल अस्पताल में संपर्क किया। यहां चिकित्सक ने मरीज का फिर से एक्स-रे किया। इस एक्स-रे में मरीज की दाढ़ को स्वस्थ्य बताया और खून आने का कारण नस में परेशानी को बताया। इतना ही नहीं इस समस्या का इलाज बिना किसी चीर फाड़ या दाढ़ निकलवाने के बजाए सिर्फ दवाओं से बताया।

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