दोगुना हुई कीमत
लहसुन की कम आपूर्ति के कारण पिछले कुछ हफ्तों में इसकी कीमत करीब दोगुना तक बढ़ चुकी है। व्यापारियों का अनुमान है कि स्थिति में जल्द सुधार नहीं होगा। अभी लहसुन की कीमतों में गिरावट के आसार नहीं हैं। वहीं उपभोक्ताओं को नए मूल्य स्लैब से भी परेशानी महसूस हो रही है, जो पिछले महीने एपीएमसी थोक यार्ड में 100-150 प्रति किलोग्राम के पिछले टैरिफ से 150-250 प्रति किलोग्राम पर बेचा जाता है। इस बदलाव ने खुदरा कीमत को अब 300 से 400 प्रति किलोग्राम तक पहुंचा दिया है।
कम हुई आवक
मौजूदा समय में थोक बाजार में प्रतिदिन 15-20 वाहन (ट्रक और मिनी वैन) आते हैं, जो 25 से 30 वाहनों की सामान्य आवक से कम हैं। वहीं दक्षिणी राज्यों से आवक भी काफी हद तक बंद हो गई है। इससे आपूर्ति की कमी बढ़ गई है। इनका असर लहसुन की कीमतों पर पड़ा है। लहसुन के भाव सातवें आसमान पर पहुंच गए हैं। एपीएमसी व्यापारियों के मुताबिक, ऊटी और मालापुरम से आपूर्ति में काफी गिरावट आई है, जिससे महंगाई बढ़ गई है। पिछले महीने की तुलना में कीमतें इस सीजन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। इससे रसोई के बजट पर असर पड़ा है।











