मुजफ्फरपुर के बाद अब सिवान पुलिस का अमानवीय चेहरा, रात में सोए ग्रामीण को गश्ती जीप ने कुचला

मुजफ्फरपुर के बाद अब सिवान पुलिस का अमानवीय चेहरा, रात में सोए ग्रामीण को गश्ती जीप ने कुचला
सिवान: पुलिस का अमानवीय चेहरा एक बार फिर सिवान में भी देखने को मिला है। जहां पुलिस की गश्ती गाड़ी ने रात में एक ग्रामीण को कुचल दिया। इसके बाद आनन-फानन में पुलिस ने उसे सदर अस्पताल तो पहुंचा लेकिन बिना इलाज कराए ही चले गए। पुलिस के इस व्यवहार से लोगों में नाराजगी है। बताते चालें कि हाल ही में मुजफ्फरपुर में पुलिस ने सड़क हादसे में मृत को अस्पताल पहुंचने के बजाए नहर में फेंक दिया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। दरअसल हुसैनगंज थाने की पुलिस टीम रात की गश्त पर निकली थी, ताकि मुसीबत में किसी की मदद कर सके। लेकिन यहां तो पुलिस वालों ने ही मुसीबत खड़ा कर डाली। छोटकी बघौनी में पुलिस की जीप ने सोए हुए एक ग्रामीण को कुचल दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि बाद में पुलिस ने उसे उठा कर इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी उसे अस्पताल पहुंचा कर चलते बने। घायल का नाम सुदर्शन बीन है। उसके पैर की हड्डी टूट गई है, हालत गंभीर देख सुदर्शन को पटना रेफर कर दिया गया।

समाजसेवी श्रीनिवास ने पुलिस पर लगाया आरोप

सिवान जिले में इस घटना के बाद हड़कंप मच गया। दुर्घटना में घायल का इलाज करवाने वाले सिवान के ही एक समाजसेवी श्रीनिवास यादव ने पुलिस के इस व्यवहार को अमानवीय करार दिया। उन्होंने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कारवाई होनी चाहिए। जब पुलिस की गाड़ी ने कुचला तो पुलिस विभाग को ही इलाज कराना चाहिए था। अब गरीब परिवार का व्यक्ति कहां से और किधर से पैसे लाकर अपना इलाज करा पाएगा।

पुलिस ने इलाज कराने की बात कही

हुसैनगंज थानाध्यक्ष विजय कुमार यादव ने बताया कि पुलिस गश्त पर थी। छोटकी बघौनी में सड़क के किनारे सोए होने से सुदर्श को जीप का ड्राइवर देख नहीं सका। जब गाड़ी उसके ऊपर चढ़ गई तो वो चिल्लाने लगा। इसके बाद पुलिस उसे लेकर अस्पताल पहुंची। जहां उसका इलाज करा कर परिजनों के साथ पटना भेजा गया।

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