चितौड़गढ़ में भाजपा के बाद कांग्रेस में भी दो सीटों पर बवाल, टिकट नहीं मिलने पर यह प्रत्याशी लड़ सकते हैं निर्दलीय चुनाव

चितौड़गढ़ में भाजपा के बाद कांग्रेस में भी दो सीटों पर बवाल, टिकट नहीं मिलने पर यह प्रत्याशी लड़ सकते हैं निर्दलीय चुनाव
चित्तौड़गढ़/जयपुर : राजस्थान में विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण को लेकर राजनीतिक पार्टियों में असंतोष दिखाई दे रहा है। बीजेपी की तरह कांग्रेस में भी टिकट वितरण को भी चित्तौड़गढ़ में भी विरोध प्रदर्शन दिखाई दे रहा है। कांग्रेस की चौथी लिस्ट में चित्तौड़गढ़ जिले की तीन विधानसभा सीटों पर नाम की घोषणा हुई। इनमें में दो विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के चयन को लेकर विरोध उभर गया है। चित्तौड़गढ़ सीट से सुरेंद्र सिंह जाड़ावत का टिकट काटने की आशंका के चलते समर्थकों ने विरोध शुरू कर दिया है। वहीं बड़ी सादड़ी में पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी के टिकट कटने से समर्थकों ने हाई कमान को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। जिसमें उन्होंने टिकट बदलने की मांग की। अगर टिकट नहीं बदला तो, पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर सकते हैं।

बड़ी सादड़ी में कांग्रेसी प्रत्याशी का पुतला जलाया

बीजेपी की तरह कांग्रेस में भी टिकट चयन को लेकर कार्यकर्ताओं में जमकर आक्रोश देखने को मिल रहा है। चित्तौड़गढ़ जिले की बड़ी सादड़ी सीट पर पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी का टिकट काट दिया गया। उनकी जगह बद्री जाट को टिकट दिया गया है। इसको लेकर प्रकाश चौधरी के समर्थक कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश है। कार्यकर्ताओं ने घंटाघर चौराहे पर कांग्रेसी प्रत्याशी बद्री जाट का पुतला फूंका और जमकर प्रदर्शन करते हुए 'गो बैक के नारे' लगाए। इसके अलावा समर्थकों ने हाई कमान को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। इसमें उन्होंने टिकट बदलने की मांग की है। यदि ऐसा नहीं होता तो प्रकाश चौधरी कांग्रेस से बगावत करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर सकते हैं।

आनंदी राम के समर्थकों ने भी विरोध शुरू किया

चित्तौड़गढ़ जिले में कांग्रेस की चौथी लिस्ट आने के बाद बगावत के सुर लगातार उठ रहे हैं। जिले की कपासन सीट पर इस बार कांग्रेस ने दो बार के विधायक रह चुके शंकर लाल बैरवा को मौका दिया है। बैरवा 2008 और 2013 में कांग्रेस से विधायक रहे हैं। लेकिन 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने आनंदी राम को अपना प्रत्याशी बनाया। इस बार कांग्रेस ने आनंदी राम का टिकट काटते हुए फिर से शंकर लाल बैरवा पर विश्वास जताया है। इसको लेकर आनंदी राम के समर्थकों ने अपना विरोध शुरू कर दिया। इसी तरह चित्तौड़गढ़ में भी सुरेंद्र सिंह जाड़ावत के टिकट काटने की आशंका के चलते उनके समर्थक विरोध कर रहे हैं।

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