यह खरीदारी 59.09 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से की गई जो स्टॉक के पिछले दिन के बंद भाव से 4 परसेंट कम है। इससे शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में काफी तेजी आई और यह 14 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान यह 70.40 रुपये पर पहुंच गया जो जून 2009 के बाद इसका उच्चतम स्तर है। अंत में यह बीएसई पर करीब 12 परसेंट की तेजी के साथ 68.89 रुपये पर बंद हुआ। साथ ही इसका वॉल्यूम भी तीन महीने के एवरेज वॉल्यूम से अधिक पहुंच गया।
जीक्यूजी का निवेश
इस साल जीएमआर एयरपोर्ट्स ने अपने निवेशकों को 73% से अधिक रिटर्न दिया है। तीन साल में इस शेयर की कीमत में 190 परसेंट से ज्यादा तेजी आई है। सितंबर तिमाही के अंत तक कंपनि में विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी 28% थी। सितंबर तिमाही में जीएमआर एयरपोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर का 190 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था जो एक साल पहले 197 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 25 परसेंट की तेजी के साथ 1,607 करोड़ रुपये पहुंच गया।जीक्यूजी पार्टनर्स ने जीएमआर एयरपोर्ट्स के अलावा अडानी ग्रुप की कई कंपनियों में भी निवेश है। इनमें अडानी एंटरप्राइजेज भी है जो मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ऑपरेट करती है। 24 जनवरी को हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें अडानी ग्रुप पर कई तरह के आरोप लगाए गए थे। हालांकि ग्रुप ने इन आरोपों का खंडन किया था लेकिन इस कारण ग्रुप के शेयरों में काफी गिरावट आई थी। ऐसे समय में जीक्यूजी पार्टनर्स ने अडानी ग्रुप में निवेश किया था। हाल में ग्रुप के शेयरों में काफी तेजी आई है।











