आरोपी ललित झा के भाई का मोबाइल भी पुलिस के रेडार पर, जानिए क्या मिला
दरभंगा: संसद भवन कांड यानी पार्लियामेंट में सेंध के आरोपी ललित झा के घर दरभंगा के बहेड़ा में पुलिस पहुंची। बहेड़ा थाने की पुलिस ने रविवार देर एक को एक बार फिर से ललित झा के पैतृक घर का रुख किया। इस दौरान ललित के परिवार वालों से भी पूछताछ की गई। बताया जाता है की ललित झा के बड़े भाई शंभू कुमार झा और छोटे भाई हरिदर्शन झा उर्फ सोनू के मोबाइल नंबर को तलब करते हुए उसकी भी जांच की गई है। इसके बाद रामपुर उदय गांव में इस मामले की चर्चा एक बार फिर से तेज हो गयी है। जानकारों के मुताबिक इस मामले की मॉनिटरिंग बिहार के डीजीपी आरएस भट्ठी खुद कर रहे हैं।
सर्विलांस पर ललित झा के घरवालों का मोबाइल
बताया जाता है कि दरभंगा पुलिस ललित के परिवार वालों के मोबाइल नम्बर को टेक्निकल सेल के माध्यम से लगातार ट्रेस कर रही है। इस घटना के बाद उनके परिवार वालों से सम्पर्क रखने वालों पर नजर रखी जा रही है। जांच तेज होते देख उम्मीद जताई जा रही है कि दिल्ली पुलिस कभी भी ललित के गांव अलीनगर के रामपुर उदय पहुंच सकती है। ऐसे में दिल्ली पुलिस भी ललित झा के घरवालों से पूछताछ कर सकती है।
रह-रह कर रोने लगती हैं ललित झा की मां
आरोपी ललित झा के पिता देवानंद झा के सगे-संबंधी अपनी जिज्ञासा शांत करने और उनका हालचाल लेने उनके घर पर पहुंच रहे हैं। लोगों के पहुंचते ही ललित की मां मंजुला देवी फफक-फफककर रोने लगती हैं। वो लोगों को बताती है कि ललित ऐसा नहीं था, ये कैसे हो गया कुछ समझ में नहीं आ रहा है। अभी तो मार्च 2024 में हमलोग उसकी शादी करने वाले थे।' मंजुला ने बताया कि ललित की शादी ठीक हो चुकी थी।
ललित झा के इस कदम से गांव के लोग भी हैरान
रामपुर उदय गांव के अधिवक्ता अमरेश झा, विनय कुमार झा, प्रिय रंजन मिश्रा, सुनील झा, पूर्व मुखिया मदन झा और मौजूदा मुखिया रेखा देवी ने कहा कि ललित बचपन से ही सज्जन स्वभाव का है। वह पढ़ने में मेधावी है। साल में एक-दो बार गांव आने पर वह बच्चों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने की नसीहत देता था। इसके अलावा वो सामाजिक कार्यों में भी हाथ बंटाता था। ऐसे मिलनसार स्वभाव के लड़के का नाम इस मामले में आने पर वो सभी लोग हैरान हैं। ग्रामीण इसके लिए संसद भवन की सुरक्षा में लगी पुलिस को ही जिम्मेवार मान रहे हैं। वहीं पूछे जाने पर बहेड़ा थाने के प्रभारी एसएचओ शिवकुमार राम ने कहा कि वरीय पुलिस अधिकारियों के आदेश पर परिवार वालों से पूछताछ की गई है। आगे अधिकारियों के आदेश का इंतजार है। उनका आदेश आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।











