स्वामी स्वदेशानंद ने कहा कि मां का वर्णन करना किसी के वश में नही है। सूर्य को दीपक दिखने के बराबर है। स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज ने कहा कि शीघ्र दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री से भेट कर मां नर्मदा के दोनों किनारे घाट बनाने का प्रस्ताव रखेंगे ।
नर्मदा के उदगम स्थल से कपिल धारा तक घाट बनाया जाए - स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि
Bhopal /3/6/2026/ अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सनातनी अखाड़ा के संस्थापक संयोजक स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज अपने साथियों के साथ 1 मई से 15 मई तक संकल्प के साथ मोटर साइकिल से मां नर्मदा की परिक्रमा पूरी कर विधि विधान से अमरकंटक वापस पहुंच कर मां नर्मदा उदगम स्थल के मुख्य पुजारी बंटी महाराज से पूजा अर्चना कर जल अभिषेक करने के पश्चात , राष्ट्रीय प्रमुख संगठन महामंत्री रामनारायण मिश्रा, राष्ट्रीय महामंत्री निरंजन शर्मा, बालाघाट जिलाध्यक्ष मेहतलाल कटरे, वरिष्ठ पत्रकार राकेश शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार श्याम सिंह सूर्यवंशी, समाज सेवी एवं धर्म प्रेमी गणेश पाण्डे, अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच बैहर के महामंत्री सुखलाल पटेल आदि साथियों के साथ मां नर्मदा के उदगम स्थल से नर्मदा के किनारे - किनारे पैदल चलकर कपिल धारा तक गए। उदगम स्थल से कपिल धारा तक 6 किलो मीटर नर्मदे मैया के दोनों तरफ की स्थिति देखकर दुख प्रगट करते हुए कहा कि मां की परिक्रमा लाखों लोग प्रतिवर्ष करते हैं। जिनमें बड़े बड़े नेता भी रहते है। जो अपने आपको मां नर्मदे का सच्चा भक्त होने का दावा करते हैं। किन्तु क्या उन्हें नर्मदा मैया की परिक्रमा करते समय ये दिखाई नही दिया कि मां नर्मदा की उदगम स्थल से लेकर कपिल धारा तक मां नर्मदा की क्या स्थिति है। मां नर्मदा के नाम पर राजनीति करने वाले उन नेताओं पर मुझे शर्म आती है उन्हें नेता कहने पर कि वे अपने आपको मां नर्मदे का भक्त कहते हैं और मां नर्मदा के नाम पर अपनी राजनैतिक कामयाबी हासिल कर बड़े बड़े पदों पर पहुंच चुके हैं। स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज ने मां नर्मदे के सच्चे सपूत, धर्म प्रेमी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी से एवं प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मां नर्मदा के सच्चे भक्त मोहन यादव से मांग की है कि मां नर्मदा जी के उदगम स्थल से कपिल धारा 6 किलोमीटर तक मां नर्मदा के दोनों तरफ घाट का निर्माण कराने के लिए राशी स्वीकृत कर कपिल धारा से पांच सौ मीटर पहले पानी रोकने की व्यवस्था बनाकर धीरे - धीरे पानी छोड़ा जाए जिससे कपिल धारा से पानी निरंतर मोटी धार में गिरता रहे। स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज ने कहा कि मां नर्मदा के दोनों तरफ घाट बनने से साफ - सफाई बनी रहेगी। और पानी का बहाव भी ठीक से रहेगा। जिससे धर्म प्रेमी वहां भी श्रद्धा भाव से डुबकी लगा सके। आपने कहा कि मां नर्मदा लाखों - करोड़ों लोगों की तारणहार है। करोड़ों लोग मां नर्मदा के आशीर्वाद से अपना और अपने परिवार का पालन पोषण करते आ रहें हैं। साथ ही लाखों ऋषि - मुनि, साधु - सन्त, समाज सेवी, जनप्रतिनिधि तथा धर्म प्रेमी मां नर्मदा की परिक्रमा कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं। स्वामी जी ने बताया कि मैकाल पर्वत भगवान शिव की तापों भूमि है। भगवान शिव की घोर तपस्या से मां नर्मदा का उदगम हुआ जो सभी सनातनियों के लिए पूज्यनीय है।











