भोपाल में दान की आड़ में साइबर ठगी की साजिश, ट्रस्ट अध्यक्ष को बुलाकर बंधक बनाया, खाते की जानकारी न देने पर पीटा

भोपाल में दान की आड़ में साइबर ठगी की साजिश, ट्रस्ट अध्यक्ष को बुलाकर बंधक बनाया, खाते की जानकारी न देने पर पीटा

भोपाल: साइबर ठगी के नए-नए तरीके ईजाद कर रहे ठगों ने इस बार दान और समाजसेवा की आड़ लेकर एक ट्रस्ट अध्यक्ष को जाल में फंसाया। ठगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क कर अध्यक्ष को दस लाख रुपये के दान का झांसा देकर उत्तरप्रदेश से भोपाल बुलाया। पांच दिन तक उसे अलग-अलग होटलों में रखा और फिर दान की बजाए साइबर ठगी के उपयोग के लिए ट्रस्ट के बैंक खाते की जानकारी मांगने लगे।

जब ट्रस्ट अध्यक्ष ने जानकारी नहीं दी तो बदमाशों ने अध्यक्ष और उसके एक साथी को बंधक बनाकर पीटा और दस हजार रुपये की अड़ीबाजी की। जिस होटल में ट्रस्ट अध्यक्ष को बंधक बनाया, वहां से ईंटखेड़ी पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस ने पांच आरोपियों के विरूद्ध बंधक बनाने, मारपीट और अड़ीबाजी का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपित मनीष पटेल के विरूद्ध देशभर के राज्यों में साइबर ठगी के कुल 31 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने गिरोह की जानकारी के लिए आरोपितों को चार दिन की रिमांड पर लिया है।

पुलिस के अनुसार उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर निवासी ओमप्रकाश वर्मा (62) ने बताया कि वह ‘राष्ट्र रक्षा मंच’ नामक ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। सोशल मीडिये के जरिए आरोपियों ने उनकी जानकारी जुटाई और 16 जनवरी को उनके मोबाइल पर फोन किया।

फोन करने वाले मनीष पटेल ने खुद को जी (8) कंपनी का मैनेजर बताया। उसने ओमप्रकाश के समक्ष ट्रस्ट में दस लाख रुपये के दान का प्रस्ताव रखा। बातचीत के बाद मनीष ने उन्हें भोपाल बुलाया। 26 जनवरी को ओमप्रकाश अपने सहयोगी के साथ भोपाल पहुंचे। पहले उन्हें स्टेशन बजरिया के पास एक लॉज में ठहराया गया, फिर बताया कि दान करने वाले व्यक्ति से मुलाकात में समय लग रहा है और उन्हें कोलार के एक होटल में चार दिन तक रोका गया।

ट्रस्ट के खाते को साइबर ठगी के लिए उपयोग की साजिश

30 जनवरी को आरोपियों ने दानदाता के आने की बात कहकर उन्हें ईंटखेड़ी के मारुति पैलेस होटल ले जाकर दो कमरों में ठहराया। सुबह जब कोई दानदाता नहीं आया तो फरियादी ने होटल छोड़ने की बात कही, जिसके बाद आरोपियों का असली चेहरा सामने आ गया। मनीष पटेल ने ओमप्रकाश को बताया कि वे साइबर ठग हैं और उनके ट्रस्ट के खाते को साइबर ठगी के लिए उपयोग करना चाहते हैं। जब ओमप्रकाश ने विरोध किया तो मनीष और उसके साथियों ने उनसे जमकर मारपीट की।

गिरोह के सरगना पर देशभर में 31 मुकदमें दर्ज

ईंटखेड़ी थाना प्रभारी आशीष सप्रे ने बताया कि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कोलार निवासी मनीष पटेल, छतरपुर के जितेन्द्र पटेल, नर्मदापुरम के सत्यम उर्फ शरद बरगले, इटारसी निवासी तनिष्क अवस्थी और चरनप्रीत सिंह, मिसरोद को गिरफ्तार किया। दस्तावेजों की जांच में गिरोह के सरगना मनीष पटेल के खिलाफ दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान सहित देशभर में 31 साइबर ठगी के मामले दर्ज होने की पुष्टि हुई है। सभी आरोपित फिलहाल भोपाल में ही रहकर अलग-अलग काम करते हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।

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