उत्तराखंड सुरंग में फंसे बिहार के 4 मजदूर, 2 मिनट की क्लिप में सबाह को मुस्कुराता देख खिल उठे अपनों के चेहरे

उत्तराखंड सुरंग में फंसे बिहार के 4 मजदूर, 2 मिनट की क्लिप में सबाह को मुस्कुराता देख खिल उठे अपनों के चेहरे
देहरादून/भोजपुर: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में हुए सुरंग हादसे में कई कामगारों के साथ बिहार-झारखंड के भी कई मजदूर फंसे हैं। इनमें बिहार के चार मजदूर हैं। मंगलवार को भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के पेउर गांव के सबाह अहमद उर्फ सैफ को जारी वीडियो में देखकर उनके घरवालों की जान में जान आ गई। सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों और बाहर मौजूद अधिकारियों के बीच हुई बातचीत की 2 मिनट लंबी ऑडियो-विजुअल क्लिप जारी की गई। वीडियो देखकर श्रमिकों और उनके रिश्तेदारों ने राहत की सांस ली।

इधर बिहार में सबाह की मां शहनाज बेगम ने वीडियो देखा तो उन्होंने चैन की सांस ली। शहनाज बेगन का आंखों में आंसू थे। बात करते हुए उनका गला भर आया। उन्होंने सुबकते हुए कहा- सबा (सबाह) जब से सुरंग में फंसा है, मैं बस ऊपर वाले से यही दुआ कर रही हूं कि मेरा बेटा और सभी मजदूर सही सलामत बाहर निकल आएं। बेटे को वीडियो में देखा तो लगा खुदा ने मेरी दुआ कबूल कर ली।'

सोमवार की शाम को पाइप के जरिए भेजा था कैमरा

दरअसल बचावकर्मियों ने सोमवार शाम को एक पाइप के जरिए एक एंडोस्कोपिक कैमरा भेजा था। जैसे ही कैमरा पाइप के दूसरे छोर की ओर बढ़ा, बीच-बीच में थोड़ी सी हलचल हुई। एक अधिकारी ने 10 दिन से फंसे श्रमिकों को सामने आने और उनकी स्थिति की जांच के लिए 'खुद को दिखाने' के लिए कहा। अधिकारियों ने सुरंग में फंसे मजदूरों से कहा- 'अगर कोई ठीक है तो कैमरे के सामने आएं और अपना चेहरा दिखाएं, हाथ उठाएं और मुस्कुराएं। हम बहुत जल्द आप तक पहुंचेंगे।'

सबाह का चेहरा देख बाहर लोगों के चेहरे पर आई खुशी

अधिकारी की बात सुनते ही सुरंग में फंसा एक मजदूर ने पहले अपना सिर बाहर निकाला। जैसे ही उसका चेहरा सुरंग के बाहर इंतज़ार कर रही भीड़ ने देखा, उनमें के किसी ने उसे पहचान लिया। उन्होंने कहा, 'ये सबा (सबाह) है। सबा आ गया, सबा आ गया।' इसके बाद अधिकारियों ने सबाह से पूछा- 'अरे सबाह अहमद, ठीक हो? क्या आप सभी ठीक हैं?। इसके बाद सुरंग में फंसे कुछ और लोगों ने अपना चेहरा दिखाया।

कैमरे पर 'अपनों' को देख उनका नाम लेकर चिल्लाने लगे लोग

सुरंग के अंदर फंसे लोगों से जब बातचीत हो रही थी, इसी दौरान कैमरे पर कुछ धूल आ गई। इस पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) टीम ने मेगाफोन का उपयोग करते हुए अंदर मौजूद लोगों से कैमरा स्क्रीन को साफ करने के लिए कहा। इस पर फंसे हुए मजदूरों में से एक ने तुरंत कपड़े का एक टुकड़ा निकाला और कैमरे का लैंस साफ करते हुए अंदर से चिल्लाया- 'अब कैसा दिख रहा है?'

कैमरे का लैंस साफ होते ही सुरंग के बाहर खड़े दोस्त-रिश्तेदार, परिजन अपने लोगों को देखकर चिल्लाने लगे, 'देखो, विश्वजीत है। वह विशाल है, वो सुबोध खड़ा है।' तभी कैमरे के पीछे से एक आवाज आई- 'मुझे लगता है सर, हमारे लिए खाना भेजना ज़रूरी है।'

बिहार के वीरेंद्र खिस्कू भी सुरंग में फंसे हैं। उनकी पत्नी रजनी ने अपने गालों पर आंसू बहाते हुए कहा, 'पिछले 10 दिनों से, मैं बस छोटे पाइप के जरिए उनकी आवाज सुन सकती थी। मुझे उनकी बहुत चिंता हो रही थी।

वीडियो में दिखा झारखंड का महादेव भी

झारखंड के महादेव नायक भी वीडियो क्लिप में दिखे। महादेव के बड़े भाई बोनू नायक ने कई बार वीडियो क्लिप देखी। बोनू नायक ने कहा, 'मैं बता नहीं सकता कि वीडियो में अपने छोटे भाई महादेव नायक की एक झलक देखने के बाद मुझे कैसा महसूस हुआ। मैंने वीडियो को बार देखा हैं। आज मैं कम से कम अपने माता-पिता को अच्छी बात बता सकता हूं। जब से महादेव सुरंग में फंसा है, वे उनकी हालत खराब है। वे रोते रहते हैं। अब उन्हें भी तसल्ली मिल जाएगा।'

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