दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि नरेला क्षेत्र के कुछ मकानों के पते पर असामान्य रूप से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम दर्ज किए गए हैं। उन्होंने तीन मकान मालिकों के शपथपत्र आयोग को सौंपते हुए बताया कि जिन घरों में वास्तविक रूप से 6 से 8 लोग रहते हैं, वहां मतदाता सूची में 30 से 40 तक नाम दर्ज हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान कई फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं और कई वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आए, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
दिग्विजय सिंह ने जिन मामलों का हवाला दिया, उनमें रतन कॉलोनी, करोंद क्षेत्र के तीन मकान शामिल हैं।
- मकान नंबर 21 के मालिक हमीर सिंह यादव के अनुसार उनके घर में 6 कमरे हैं और परिवार के सिर्फ 4 सदस्य मतदाता हैं, जबकि मतदाता सूची में करीब 40 नाम दर्ज बताए गए हैं।
- मकान नंबर 10 के मालिक कमलेश कुमार गुप्ता ने बताया कि उनके घर में करीब 8 मतदाता रहते हैं, लेकिन सूची में 36 नाम दर्ज हैं।
- मकान नंबर 2 के मालिक पोखन लाल साहू के अनुसार उनके घर में 7 मतदाता हैं, जबकि सूची में 37 नाम दर्ज बताए गए हैं।
मकान मालिकों ने शपथपत्र में यह भी कहा कि जिन लोगों के नाम उनके पते पर दर्ज हैं, वे वहां कभी नहीं रहे और उन्हें उन व्यक्तियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
‘बिना सत्यापन के जोड़े गए नाम’
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित बीएलओ ने घर पर आकर सही तरीके से सत्यापन नहीं किया, जिसके कारण बड़ी संख्या में फर्जी नाम मतदाता सूची में शामिल हो गए।
आयोग से जांच और कार्रवाई की मांग
दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग से पूरे मामले की जांच कर फर्जी नामों को हटाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आयोग ने शिकायत और दस्तावेज स्वीकार करते हुए मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
इस दौरान उनके साथ शिकायतकर्ता रतन कुमार गुप्ता, पोखन लाल साहू और देव नारायण विश्वकर्मा सहित कांग्रेस के अन्य नेता भी मौजूद थे।











