भोपाल में एक निजी हॉस्पिटल की नर्स की गला घोंट कर हत्या कर दी गई। उसका लिव इन पार्टनर शव को अस्पताल ले गया। बताया कि वह चक्कर खाकर गिर गई है। डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। इस दौरान गले पर खरोंच के निशान दिखे तो पुलिस को मर्डर का शक हुआ, लेकिन आरोपी पूरे टाइम हॉस्पिटल में ही मौजूद रहा। पुलिस पीएम रिपोर्ट का इंतजार करती रही। जैसे ही मर्डर की पुष्टि हुई आरोपी लिव इन पार्टनर को अरेस्ट कर लिया गया। पूछताछ में उसने हत्या की 3 अलग-अलग कहानियां बताईं। अब पुलिस उसके बयानों की तस्दीक में जुटी है। वहीं, रविवार को उसके जेल भेज दिया गया।
कहानी 1: आरोपी दीपक कटियार ने पुलिस को बताया कि अप्रैल 2023 में उसकी शादी हो चुकी है। इससे पहले तक वह माया के साथ रहता था। अब वह शादी के लिए दबाव बनाने लगी थी। बात नहीं मानने पर करियर बर्बाद करने की धमकी देती थी। हम दोनों में आए दिन विवाद होते थे। मैं इन सबसे त्रस्त आ चुका था। ऐसे में मैंने बैठकर बात करने के बहाने माया को बुलाया और उसकी हत्या कर दी।
कहानी 2: पुलिस को दिए बयानों में आरोपी ने यह भी बताया कि 2 अप्रैल की रात को मैं माया के दस्तावेज की फाइल ले आया था। जिसमें पैन कार्ड, आधार कार्ड और मार्क शीट्स थीं। माया को पता लगा तो वह मेरे लालघाटी वाले फ्लैट में आई। यहां हमारा विवाद हो गया। इसके बाद मैंने माया की हत्या कर दी। हम दोनों पूर्व में पति-पत्नी की तरह रहे हैं। माया का बच्चा मुझे पिता ही बोला करता है।
कहानी 3: माया की हत्या की एक रात पूर्व 2 अप्रैल को मैं उसके बागसेवनिया वाले घर में था। इसी रात को मेरी पत्नी व परिवार देर रात भोपाल स्टेशन से गुजरने वाले थे। वह सफर में थे, पत्नी ने मुझसे खाना भेजने और मिलने आने को कहा था। मैं माया के पास से जाना चाहता था। जब माया को पता लगा कि मैं पत्नी से मिलने वाला हूं तो उसने विवाद किया। रात भर झगड़ा करती रही और मुझे पत्नी से मिलने नहीं जाने दिया। सुबह 7 बजे माया ड्यूटी पर चली गई। मैं अपने फ्लैट पर लौट आया। ड्यूटी के बाद बिन बताए माया फ्लैट पर आई और विवाद करने लगी। मैंने समझाइश दी, उसे शांत किया। हमने साथ खाना खाया। इसके बाद मैंने माया की हत्या कर दी।
सबूत मिटाना चाहता था दीपक
आरोपी दीपक ने 3-4 घंटे तक बॉडी को घर में ही रखा। वह मेडिकल फील्ड से है, उसे अंदाजा था कि बॉडी जितनी पुरानी हो जाएगी, उससे निशान हल्के हो जाएंगे। क्योंकि हत्याकांड को उसने गला घोंटकर अंजाम दिया था। इस कारण जब बॉडी को अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक गले पर मौजूद निशान हल्के हो चुके थे।
वह अस्पताल से भागा नहीं, पुलिस के पहुंचने पर उसने बताया कि माया को चक्कर आए और वह गिर गई थी। इसके बाद से होश में नहीं आई। यही बात उसने डॉक्टर्स को भी बताई थी। गले में खरोंच का एक मामूली निशान था, इसे देखकर पुलिस को हत्या का संदेह हो चुका था। पुलिस दीपक को निगरानी में रखे रही। शॉर्ट पीएम में हत्या की पुष्टि होते ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
क्या है मामला
माया टीएम (37) पत्नी राजू सुंदरम व्यंकाटेश्वर गायत्री विहार कॉलोनी बागसेवनिया में किराए से रहती थी। वह सेज अपोलो अस्पताल में बतौर नर्सिंग सुपरवाइजर काम करती थी। इससे पूर्व वह लालघाटी के तृप्ति अस्पताल में नौकरी करती थी। यहीं काम करने वाले दीपक कटियार से उसकी दोस्ती हो गई थी। बाद में दोनों के बीच प्रेम प्रसंग हो गया था। प्रेमी की शादी अप्रैल 2023 में हो चुकी है। इसके बाद दोनों के रिश्तों में खटास आने लगी। आए दिन विवाद होने लगे थे। दीपक ने 3 अप्रैल की दोपहर को माया को बात करने के बहाने अपने लालघाटी स्थित फ्लैट में बुलाया। यहां दोनों ने बातचीत की। आरोपी ने माया की नाराजगी दूर करने के बाद उसके साथ पर्सनल टाइम बिताया। इसके बाद बेडरूम में ही उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी।
थाना प्रभारी बोले- बयानों की तस्दीक कर रहे हैं
कोहेफिजा थाने के प्रभारी बृजेंद्र मर्सकोले ने बताया कि आरोपी ने कई बार बयानों को बदला है। उसने बताया कि माया के दस्तावेज उठाकर अपने घर ले आया था। इस बात पर विवाद हुआ और हत्या कर दी। इससे पूर्व उसने बताया था कि मेरी शादी होने के बाद माया साथ रहने का दबाव बनाती थी। बात नहीं मानने पर पत्नी को उनके रिश्ते की हकीकत बताने की धमकी देती थी। उसने यह भी बताया कि हत्याकांड से एक रात पूर्व मेरी पत्नी की ट्रेन भोपाल स्टेशन से गुजरना थी। माया ने मुझे पत्नी से मिलने नहीं आने दिया था, रात भर विवाद किया था।
माया की कॉलोनी के कुछ लोगों ने इस बात की जानकारी भी दी है कि दीपक माया को अपने साथ बाइक पर बैठाकर वहां से निकला था। हालांकि, दीपक ने इस बात से मना कर दिया है। उसकी बताई तमाम बातों की तस्दीक कर रहे, माया की कॉलोनी में लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जाएंगे, जिससे साफ हो सके कि माया स्वयं लालघाटी पहुंची या उसे दीपक साथ लेकर निकला था। पुलिस को गुमराह करने आरोपी लगातार बयानों को बदल रहा था। उसकी बताई तमाम बातों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जिससे आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जा सके।











