*⛅तिथि - अमावस्या प्रातः 06:14 तक तत्पश्चात प्रतिपदा रात्रि 03:16 मार्च 01 तक, तत्पश्चात द्वितीया*
*⛅नक्षत्र - शतभिषा दोपहर 01:40 तक तत्पश्चात पूर्व भाद्रपद*
*⛅योग - सिद्ध रात्रि 08:08 तक, तत्पश्चात साध्य*
*⛅राहु काल - सुबह 11:25 से दोपहर 12:52 तक*
*⛅सूर्योदय - 07:06*
*⛅सूर्यास्त - 06:38*
*⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त - प्रातः 05:23 से 06:13 तक*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:29 से दोपहर 01:16 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:27 मार्च 01 से रात्रि 01:17 मार्च 01 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण - राष्ट्रीय विज्ञान दिवस*
*⛅विशेष - प्रतिपदा को कुष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाएं क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*🔹अजीर्ण की निवृत्ति हेतु रखें इन बातों का ध्यान🔹*
*🔸वर्तमान में अधिकांश लोग पेट के रोगों से, विशेषतः अजीर्ण से ग्रस्त देखे जाते हैं । इसका कारण है भोजन में स्वास्थ्य नहीं बल्कि स्वाद की प्रधानता, भोजन-संबंधी नियमों का अज्ञान या उन्हें शर महत्त्व न देना, भूख से ज्यादा खाना, जले हुए या भलीभाँति न पके भोजन, बासी आहार, पनीर, मावा आदि देर से पचनेवाले पदार्थों का सेवन, देर रात को या जल्दी-जल्दी भोजन करना आदि ।*
*🔸चरक संहिता के अनुसार पूर्व में सेवन किया हुआ आहार पच जाने पर ही भोजन करना चाहिए । अजीर्ण में भोजन करने से पहलेवाले आहार का अपचित रस बाद के आहार के रस के साथ मिश्रित होने पर सभी दोषों को शीघ्र प्रकुपित करता है । अतः पूर्व का भोजन भली प्रकार पचने पर ही भोजन करें ।*
*🔸प्रतिदिन पैदल भ्रमण, आसन, व्यायाम आदि करें । खूब चबा-चबाकर भोजन करें । जल्दी- जल्दी भोजन करने से जठराग्नि को भोजन पचाने में अधिक श्रम पड़ता है और पाचक रस भी उचित रूप में उत्पन्न नहीं हो पाता ।*
*🔸"पहले का खाया हुआ खाना पचा-न पचा और दूसरा खाया तो आम (कच्चा, अपचित रस) बनेगा । ठाँस-ठाँस के खाया फिर बोले 'एसिडिटी हो गयी, पेट की खराबियाँ हो गयीं...।' कब खाना, कैसे खाना, कितना खाना, क्या खाना, क्या न खाना - इसका बुद्धिपूर्वक विचार करें फिर खायें तो तंदुरुस्त रहेंगे ।*
श्री सृष्टि सर्व कल्याण संस्थान श्रीश:ज्योतिष परामर्श एवं अनुष्ठान केंद्र भोपाल मध्यप्रदेश
चैत्र नवरात्रि -*तप की शक्ति का प्रतीक है मां ब्रह्मचारिणी*🙏🏻 *नवरात्रि की द्वितीया तिथि पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। देवी ब्रह्मचारिणी ब्रह्म शक्ति यानी तप की शक्ति का…