IIT-BHU गैंगरेप केस में 200 पेज की चार्जशीट दाखिल तीनों आरोपियों के रूट चार्ट, CCTV की डिटेल

IIT-BHU गैंगरेप केस में 200 पेज की चार्जशीट दाखिल तीनों आरोपियों के रूट चार्ट, CCTV की डिटेल

वाराणसी में IIT-BHU की छात्रा से गैंगरेप मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। वारदात के 78वें दिन लंका थाना पुलिस ने CJM कोर्ट में गुरुवार को 200 पेज की चार्जशीट दाखिल की। इसमें तीनों आरोपियों के रूट चार्ट, CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन को आधार बनाया गया है। इसके साथ ही, पीड़ित छात्रा, उसके दोस्त और एक गार्ड के बयान को भी आरोपियों के खिलाफ आधार बनाया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को सजा दिलाने के लिए सबसे मजबूत आधार पीड़ित छात्रा का बयान है। बाकी, इलेक्ट्रॉनिक सबूत सपोर्ट में हैं। आरोपियों ने 1 नवंबर की रात करीब 1:30 बजे IIT-BHU कैंपस में दोस्त के साथ जा रही छात्रा से गैंगरेप किया था। गन पॉइंट पर कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाए थे।

इस घटना के बाद कई दिनों तक कैंपस में स्टूडेंट्स ने विरोध-प्रदर्शन किया था। वारदात के 60 दिन बाद यानी 30 दिसंबर को पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान कुणाल पांडेय, सक्षम पटेल और आनंद उर्फ अभिषेक चौहान के तौर पर हुई थी। तीनों BJP IT सेल में जुड़े हुए थे और वाराणसी के ही रहने वाले हैं।

मोबाइल डेटा भी कोर्ट में पेश किया: ACP
ACP भेलूपुर डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया, ''चार्जशीट पीड़ित छात्रा और उसके दोस्त के बयान के आधार पर है। बयान को डिटेल में एक्सप्लेन किया है। तीनों आरोपियों के रूट चार्ट के बारे में भी बताया है। चार्ट में दिखाया गया कि आरोपी चेतगंज से सिगरा और इसके बाद IIT-BHU कैसे पहुंचे? इसके अलावा, आरोपियों की लोकेशन, कॉल डिटेल, CCTV और मोबाइल से बरामद कॉल डेटा, वॉट्सऐप चैट को भी कोर्ट में पेश किया है। आरोपियों से जब्त बुलेट का भी जिक्र किया गया है।''

FTC में ट्रायल की तैयारी में पुलिस
IIT-BHU गैंगरेप केस में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर करने के बाद अब वाराणसी पुलिस उन्हें सजा दिलाने की कवायद में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक, CJM कोर्ट में चार्जशीट के बाद अब पुलिस मामले का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में चाहती है। इसके लिए जल्द जिला जज की कोर्ट में अपील दाखिल करेगी।

सूत्रों के आधार पर पुलिस ने इन पॉइंट्स पर चार्जशीट तैयार की

1. पीड़ित छात्रा ने आरोपियों को पहचाना
पीड़ित छात्रा ने फुटेज देखकर आरोपियों की पहचान की थी। इसके अलावा, न्यूड वीडियो बनाने की बात कही थी। पीड़ित छात्रा से कन्फ़र्म होने के बाद ही पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ जांच करके एक-एक सबूत जुटाए। उसके बाद 30 दिसंबर को उन्हें गिरफ्तार किया गया।

2. गवाह: छात्रा का दोस्त और सिक्योरिटी गार्ड
1 नवंबर की रात पीड़ित दोस्त के साथ रात 1.30 बजे कैंपस में थी। बुलेट से आए तीनों आरोपियों ने पहले गन पॉइंट पर छात्रा के दोस्त को वहां से धमकाकर भगा दिया था। इस केस में वह अहम गवाह है। दूसरा गवाह सिक्योरिटी गार्ड है, जिसने रात में बुलेट में इन तीनों आरोपियों को देखा था। चार्जशीट में इनके बयान भी शामिल किए गए हैं।

3. सबूत: CCTV, मोबाइल लोकेशन-फोरेंसिक रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट
वारदात वाले दिन CCTV में तीनों आरोपी कैद हुए थे। आरोपियों के मोबाइल की टाइम टू टाइम लोकेशन भी पुलिस ने ट्रेस की है। साथ ही, जिस मोबाइल से छात्रा का न्यूड वीडियो शूट हुआ था। उसकी फोरेंसिक जांच करवाई है। उसकी रिपोर्ट आ चुकी है। वहीं, मोबाइल CDR, वॉट्सऐप चैटिंग भी अहम रिकॉर्ड है। वारदात के दिन काफी रात तक तीनों के मोबाइल एक्टिवेट रहे हैं।

PMO से मांगी गई थी रिपोर्ट, 60 दिन बाद हुई आरोपियों की गिरफ्तारी
IIT-BHU केस में छात्रों का प्रदर्शन इतना बढ़ गया था कि प्रधानमंत्री ऑफिस तक से इस मामले में रिपोर्ट मांगी गई थी। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए 300 से ज्यादा CCTV चेक किए। इनमें एक फुटेज में तीन युवक बुलेट पर नजर आए। पुलिस को इन पर शक हुआ। बाद में तीनों आरोपियों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी।

शुरुआती जांच में पता चला कि तीनों आरोपी रीवा में एक प्रत्याशी के चुनावी प्रचार में गए हुए हैं। इसीलिए पुलिस टीम रीवा तक इनको ट्रेस करते हुए पहुंची। क्योंकि, मामला हाई-प्रोफाइल था, ऐसे में पुलिस ने सारे सबूत इकट्‌ठा होने के बाद 30 दिसंबर को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

वारदात वाली रात क्या हुआ था? छात्रा की FIR से जानिए...
पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था, 'मैं 1 नवंबर की रात 1:30 बजे अपने हॉस्टल से किसी जरूरी काम के लिए बाहर निकली। कैंपस के गांधी स्मृति चौराहे के पास मुझे मेरा दोस्त मिला। हम दोनों साथ में जा रहे थे कि रास्ते में कर्मन बाबा मंदिर से करीब 300 मीटर दूर पीछे से एक बुलेट आई। उस पर 3 लड़के सवार थे। उन लोगों ने बाइक खड़ी करके मुझे और मेरे दोस्त को रोक लिया।

इसके बाद उन लोगों ने हमें अलग कर दिया। मेरा मुंह दबाकर मुझे एक कोने में ले गए। वहां पहले मुझे किस किया, उसके बाद कपड़े उतरवाए। मेरा वीडियो बनाया और फोटो खींची। मैं जब बचाव के लिए चिल्लाई तो मुझे मारने की धमकी दी। करीब 10-15 मिनट तक मुझे अपने कब्जे में रखा और फिर छोड़ दिया।

मैं अपने हॉस्टल की ओर भागी तो पीछे से बाइक की आवाज आने लगी। डर के मारे एक प्रोफेसर के आवास में घुस गई। वहां पर 20 मिनट तक रुकी और प्रोफेसर को आवाज दी। प्रोफेसर ने मुझे गेट तक छोड़ा। उसके बाद पार्लियामेंट सिक्योरिटी कमेटी के राहुल राठौर मुझे IIT-BHU पेट्रोलिंग गार्ड के पास लेकर पहुंचे। जहां से मैं अपने हॉस्टल तक सुरक्षित आ पाई। तीनों आरोपियों में से एक मोटा, दूसरा पतला और तीसरा मीडियम हाइट का था।


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