मौसम विज्ञानी वीएस यादव ने बताया कि बादल फटने की घटना अक्सर हिमालयी क्षेत्रों में होती है। एक घंटे में 100 मिमी. या अधिक बारिश होने को बादल फटना कहा जाता है। इसके पहले गुना में 24 घंटे में 293.4 मिमी बारिश का रिकॉर्ड है। यह 25 जुलाई 1958 को दर्ज हुआ था। दो जुलाई 2001 को 24 घंटे में 257 मिमी. वर्षा हो चुकी है। रात में भारी बारिश जारी रही तो यह रिकॉर्ड टूट सकता है।
इसलिए हो रही भारी बारिश
मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अरब सागर से लगातार बड़े पैमाने पर नमी आ रही है। इस वजह से कम दबाव का क्षेत्र लगातार शक्तिशाली बना हुआ है। साथ ही पूरे प्रदेश में लगातार अच्छी बारिश हो रही है। इसके प्रभाव से बुधवार को भी कुछ क्षेत्रों में अति भारी बारिश हो सकती है।
इन जिलों में आज स्कूल बंद
नर्मदापुरम में मंगलवार सुबह स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई। वहां आज भी अवकाश है। भोपाल कलेक्टर ने भी स्कूलों में बुधवार को अवकाश का आदेश जारी कर दिया है। इसके अलावा रायसेन, विदिशा, गुना, सीहोर और अशोक नगर में भी बुधवार को स्कूल बंद हैं।
बड़ा तालाब भरने के लिए 4.8 फीट पानी की दरकार
भोपाल समेत प्रदेश में हो रही झमाझम बारिश से जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले बड़े तालाब का पेट भरने के लिए 4.8 फीट पानी की और दरकार है। बड़े तालाब का कुल भराव क्षमता 1666.80 फीट है, जबकि वर्तमान में 1662.00 फीट तक पहुंच चुका है।
कलियासोत डैम की कुल भराव क्षमता 505.67 मीटर है, यह 502.80 मीटर पर पहुंच चुका है। वहीं केरवा डैम की कुल भराव क्षमता 509.93 मीटर है, वर्तमान में यह 504.14 मीटर पहुंच गया है। कोलार डैम की कुल भराव क्षमता 462.20 मीटर है, जो फिलहाल 455.05 मीटर पर पहुंच चुका है।











