दिल्ली के बाद अब मध्य प्रदेश के इंदौर में होने वाले सिंगर दिलजीत दोसांझ के लाइव कॉन्सर्ट पर विवाद गहरा गया है। कॉन्सर्ट में दिलजीत अपने 4 गाने नहीं गा सकेंगे।
इनमें 'पटियाला पैग', '5 तारा ठेके', 'जेब विचों फीम लब्बी आ' और 'जट्ट उत्थे फायर करदा जित्थे पबंदी हथियार दी' शामिल हैं। चंडीगढ़ के एक प्रोफेसर की शिकायत पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बड़ा निर्देश दिया है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, इंदौर की ओर से 6 नवंबर को मॉल प्रबंधन को पत्र जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि इन गानों के बोल छोटे बच्चों पर गलत प्रभाव डाल सकते हैं। इसलिए कॉन्सर्ट के दौरान इन गानों को नहीं गाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
5 साल से बड़ी उम्र के बच्चों की एंट्री
इस समय दिलजीत का 'ऑरा इंडिया' शो चल रहा है। यह भारत में उनका दूसरा शो है। इससे पहले हुए शो को लेकर शिकायत की गई थी। इसके बाद अब जारी पत्र में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2019 के आदेश का हवाला दिया गया है। अधिकारी ने इसी आदेश के पालन में चारों गानों को कॉन्सर्ट में नहीं गाने देने के निर्देश दिए हैं।
पत्र में यह भी लिखा गया है कि C-21 मॉल में 15 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम में 5 साल से बड़े बच्चे भी प्रवेश कर सकते हैं। ऐसे में गानों के बोल बच्चों पर गलत प्रभाव डाल सकते हैं। पत्र की एक कॉपी इंदौर कलेक्टर, संबंधित राजस्व अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक और विजय नगर थाना प्रभारी को भी भेजी गई है।
1. कॉन्सर्ट में इन गानों पर रोक लगाने की मांग
चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धारेनावर ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी को भेजी शिकायत में 4 गानों पर रोक लगाने के अलावा बच्चों को मंच पर नहीं बुलाने और दिलजीत के कारतूस वाली बेल्ट पहनने पर रोक लगाने की मांग भी की थी।
शिकायत में 'पटियाला पैग', '5 तारा ठेके', 'जेब विचों अफीम लभिया' और 'जट्ट उत्थे फायर करदा जित्थे पाबंदी हथियार दी' गानों को कॉन्सर्ट में गाने पर रोक लगाने की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता ने कहा था कि इनके बोल बदलकर भी गाने की अनुमति न दी जाए।
उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के CWP/27011/2016 मामले में 22 जुलाई 2019 को दिए गए आदेश का हवाला दिया। शिकायत में केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से चलाए जा रहे 'नशा मुक्त भारत अभियान' का भी उल्लेख किया गया है।
2. बच्चों को मंच पर बुलाने पर रोक लगाने की मांग
प्रोफेसर ने कॉन्सर्ट के दौरान बच्चों को मंच पर आमंत्रित नहीं करने की मांग भी की थी। शिकायत में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि तेज आवाज बच्चों की सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है। शिकायतकर्ता का दावा है कि लाइव कॉन्सर्ट में ध्वनि का स्तर 120 डेसिबल से अधिक हो सकता है।
इसके अलावा शिकायत में कहा गया है कि कार्यक्रम के दौरान तेजी से जलने-बुझने वाली फ्लैशिंग लाइटें, जिनकी आवृत्ति 5 से 30 हर्ट्ज हो सकती है, कुछ बच्चों में दौरे पड़ने का कारण बन सकती हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
3. कारतूस वाली बेल्ट पहनने पर आपत्ति
शिकायतकर्ता ने दिलजीत दोसांझ को सीने पर क्रॉस के आकार में चांदी के रंग की दो कारतूस बेल्ट (बैंडोलियर) या नकली धातु के कारतूस पहनने से रोकने की मांग भी की थी। उनका तर्क था कि सीने पर कारतूसों की बेल्ट पहनना बंदूक संस्कृति और हिंसा का प्रतीक है। शिकायत में आशंका जताई गई कि इस तरह की वस्तुओं का प्रदर्शन दर्शकों को हिंसक व्यवहार के लिए उकसा सकता है।
पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ दिल्ली कॉन्सर्ट को लेकर विवादों में घिर गए हैं। उनके कॉन्सर्ट को लेकर शिकायत दी गई है, जिसमें शराब और नशे से जुड़े सॉन्ग गाने पर रोक लगाने की मांग की गई है।

