अडाणी पावर का दूसरी तिमाही में मुनाफा ₹6,919 करोड़ पहुंच गया है। ये पिछले साल की इसी तिमाही के ₹2,953 करोड़ के मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा है।
वहीं, कंपनी की कामकाज से होने वाली कमाई यानी ऑपरेशनल रेवेन्यू 44% बढ़कर ₹19,438 करोड़ हो गया है, जो एक साल पहले इसी तिमाही में ₹13,457 करोड़ था।
अडाणी पावर के मुनाफे में यह बढ़त मुख्य रूप से बिजली की ज्यादा बिक्री, बाजार में बेहतर कीमतों और देश भर में बिजली की मजबूत मांग के कारण दर्ज की गई है।
नोट: सभी आंकड़े करोड़ रुपए में हैं।
Q2 FY27: 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर 2026)
Q2 FY26: 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर 2025)
मुनाफा (PAT): टैक्स चुकाने के बाद कंपनी के हाथ में बची शुद्ध कमाई।
H1 FY27: 2026-27 के पहले 6 महीने (अप्रैल से सितंबर 2026)
H1 FY26: 2025-26 के पहले 6 महीने (अप्रैल से सितंबर 2025)
YoY %: पिछले साल के मुकाबले इस साल हुआ प्रतिशत बदलाव
तिमाही नतीजों से जुड़ी 3 बड़ी बातें…
बिजली बिक्री बढ़ी: कंपनी ने सितंबर तिमाही में 26.4 बिलियन यूनिट (BU) बिजली बेची, जो पिछले साल (23.7 BU) के मुकाबले 11.5% ज्यादा है।
ईंधन खर्च बढ़ा: ज्यादा बिक्री और आयातित कोयले की लागत 50% बढ़ने से ईंधन का खर्च 41.8% बढ़कर ₹10,229.38 करोड़ पहुंचा।
कर्ज के ब्याज में कमी: बेहतर नकदी और कर्ज प्रबंधन के कारण ब्याज खर्च 9.7% घटकर ₹760.23 करोड़ रह गया।
EBITDA 59.8% बढ़कर ₹8,231.6 करोड़ पहुंचा
कंपनी का ऑपरेशनल प्रॉफिट यानी टैक्स, ब्याज और बाकी खर्चे घटाने से पहले कंपनी का मुख्य काम-काज से होने वाला मुनाफा यानी EBITDA 59.8% बढ़कर ₹8,231.6 करोड़ पर पहुंच गया, जो बीते साल की दूसरी तिमाही में ₹5,150 करोड़ था।
वहीं EBITDA मार्जिन 38% से बढ़कर 42.35% हो गया है। कंपनी की कमाई, मुनाफा और मार्जिन सब बढ़ा है। यानी कंपनी के तिमाही नतीजे अच्छे रहे हैं।
EBITDA का इस्तेमाल 2 मुख्य कामों के लिए होता है
अलग-अलग कंपनियों की निष्पक्ष तुलना करने के लिए: टैक्स की दरें, लोन का ब्याज और पुराने एसेट्स का डेप्रिसिएशन अलग-अलग होता है। इन्हें हटाकर देखने से पता चलता है कि कौन सी कंपनी अपना असली बिजनेस चलाने में ज्यादा मजबूत और सक्षम है।
कंपनी का असली कैश फ्लो और क्षमता परखने के लिए: इन्वेस्टर्स और बैंक यह देखने के लिए EBITDA जांचते हैं कि क्या कंपनी अपने मुख्य कामकाज से इतना पैसा बना पा रही है कि वह आगे लोन का ब्याज चुका सके और नया निवेश कर सके।
CEO बोले- देश के लिए कोयला आधारित बिजली जरूरी
अडाणी पावर के CEO एस बी ख्यालिया ने कहा कि कंपनी ने कमाई में नए रिकॉर्ड बनाए हैं। उन्होंने बताया कि दुनिया में जारी तनाव के बीच बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए कोयले से बनने वाली बिजली सबसे ज्यादा जरूरी और भरोसेमंद है।
अडाणी पावर का 23,720 MW क्षमता बढ़ाने का प्लान
नया पावर गोल: अडाणी पावर अपनी बिजली बनाने की क्षमता (थर्मल कैपेसिटी) को 23,720 मेगावाट (MW) और बढ़ाने पर काम कर रही है।
कोरबा और महान प्रोजेक्ट्स: कोरबा 1,320 MW की यूनिट जल्द शुरू होगी। दूसरी मार्च 2027 तक चालू होगी। महान 1,600 MW प्रोजेक्ट 2027 में पूरा तैयार हो जाएगा।
रायपुर और रायगढ़ प्रोजेक्ट्स: रायपुर 1,600 MW और रायगढ़ 1,600 MW प्रोजेक्ट्स का 65% काम पूरा हो चुका है, जिन्हें 2028 तक चालू करने का लक्ष्य है।
तीन नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू: मिर्जापुर (1,600 MW), महान फेज-3 (1,600 MW) और अनूपपुर (2,400 MW) प्रोजेक्ट्स का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
महाराष्ट्र को बिजली सप्लाई का सौदा: कंपनी रायपुर में 1,600 MW का नया प्लांट लगाकर महाराष्ट्र (MSEDCL) के साथ हुए पावर सप्लाई एग्रीमेंट के तहत बिजली सप्लाई करेगी।
नए समझौते और हाइड्रोपावर में कदम
उत्तराखंड से बड़ा PPA: कंपनी को उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन से 25 साल के लिए 1,320 MW बिजली सप्लाई करने का ऑर्डर लेटर ऑफ अवॉर्ड मिला है।
GVK एनर्जी का अधिग्रहण: दिवालिया प्रक्रिया के तहत कंपनी ने GVK एनर्जी को खरीद लिया है, जिसके पास उत्तराखंड में 330 MW का अलकनंदा हाइड्रोपावर प्लांट है।
भूटान में पार्टनरशिप: ड्रुक ग्रीन पावर के साथ मिलकर थिम्फू में 770 MW का हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट लगाने का समझौता किया है। इसमें अडाणी पावर की 49% हिस्सेदारी होगी।

