बड़ी ऑनलाइन बुकिंग साइट्स पर देखा गया है कि चेन्नई से मदुरै के लिए एकतरफा टिकट 4,500 रुपए तक पहुंच गया है, वहीं चेन्नई-तिरुचिरापल्ली और चेन्नई-कोयंबटूर रूट्स पर क्रमश: 3500 और 3000 रुपए तक किराया वसूला जा रहा है।
सरकार के तय रेट से कहीं ज्यादा वसूली
खास बात है कि चेन्नई-मदुरै के बीच फ्लाइट का किराया 4 हजार है। ऐसे में फ्लाइट के बराबर बस वालों के किराया वसूलने को लेकर बहस छिड़ गई है। बस वाले जो मनमाना किराया वसूल रहे हैं, वह राज्य सरकार और ओमनी बस एसोसिएशन के बीच 2022 में तय अधिकतम किराए से कहीं अधिक है। उस चार्ट के अनुसार, चेन्नई-तिरुचि के लिए 1,200 से 1,980 रुपए, चेन्नई-मदुरै के लिए 1,930 से 3,070 रुपए और चेन्नई-कोयंबटूर के लिए 1,730 से 2,880 रुपए तक किराया तय किया गया था।परेशान लोग
लेकिन 17 से 23 अक्टूबर के बीच त्योहार की वजह से टिकट बुकिंग की होड़ मची हुई है, जिससे किराए तेजी से बढ़े हैं। मुद्दा यह भी है कि कई छोटे शहरों और तिरुचि जैसे बीच के स्टेशनों के लिए सीधी बस सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। अधिकतर बसें मदुरै या तिरुनेलवेली के लिए डायवर्ट की जा रही हैं। ऐसे में रास्ते में चढ़ने वाले यात्रियों से भी लंबी दूरी के हिसाब से ज्यादा किराया वसूला जा रहा है।बस ऑपरेटरों का कहना है कि ईंधन की कीमतें, मरम्मत खर्च और ऑपरेशनल लागत बढ़ने के कारण किराए में इजाफा जरूरी हो गया है। उन्होंने 2022 के किराया चार्ट को अपडेट करने की मांग की है। बस मालिक संघ का तर्क है कि किराया चार्ट केवल अधिकतम सीमा बताता है और कोई भी शिकायत उनके ग्रीवांस मैकेनिज्म के जरिए सुलझाई जा सकती है











