ओम बिरला ने कहा कि पूर्व में विधानसभा में हुई कार्यवाही का अध्ययन भी विधायकों के लिए काफी उपयोगी होता है। दस्तावेजों का डिजिटलीकरण बहुत उपयोगी है। पुरानी बहसों को सुनने से मुद्दों की समझ गहरी होती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ छोटा राज्य है लेकिन अपने नवाचारों से और नई परंपराओं से यह प्रदेश देश भर में आदर्श राज्य के रूप में स्थापित हो सकता है। विधानसभा के सदस्य के रूप में इसमें आप सभी की अहम भूमिका हो सकती है। छत्तीसगढ़ की प्रशंसा करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गहरी विविधता है। यह छोटा राज्य जरूर है लेकिन अपने लोकाचारों के मामले में, संस्कृति के मामले में बेहद समृद्ध है। इस राज्य के आगे बढ़ने की बहुत सी संभावनाएं हैं। आप सभी दूसरे राज्यों के नवाचारों का भी अध्ययन करते रहें। उनके विधायकों से बात करें, जो अच्छी पद्धति हैं उसे अपने यहां लागू करने का प्रयास भी करते रहें।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी अपना उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि ओम बिड़ला के मार्गदर्शन में तथा प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर हम उत्तरप्रदेश को पेपरलेस विधानसभा बनाने का लक्ष्य प्राप्त कर पाए हैं। प्रबोधन और सीखने के लिए सारी उम्र कम है। हमेशा सीखते रहिये।
