सिंधी समाज की महिलाएं भीराजनीति में सक्रिय होंगी, दो दिनी सम्मेलन में बनी रणनीति

सिंधी समाज की महिलाएं भीराजनीति में सक्रिय होंगी, दो दिनी सम्मेलन में बनी रणनीति
संत हिरदाराम नगर। सिंधी समाज की महिलाएं भी अब राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। सिंधी कल्याण समिति के सम्मेलन में पहली बार बड़ी संख्या में महिलाओं ने शामिल होकर राजनीति में सक्रिय रहने का संदेश दिया। समिति का दो दिवसीय सम्मेलन समाज की ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत का सहेजने एवं राजनीति में सक्रिय होकर सेवा करने के संकल्प के साथ समाप्त हुआ।

हलालपुर स्थित सनसिटी गार्डन में आयोजित सम्मेलन में पहली बार भोपाल के अलावा लगभग 50 विधानसभा क्षेत्रों से महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सिंधी सेंट्रल पंचायत भोपाल की सचिव रीटा बजाज, नीता इसरानी, सुषमा खत्री, बालाघाट से शैफाली बुधरानी, मैहर से रिया सावलानी एवं शीतल भावनानी के अलावा संत हिरदाराम नगर से भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। महिलाओं ने मंच पर पहुंचकर राजनीति में सक्रिय रहने का संकल्प लिया। सम्मेलन का शुभारंभ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष भगवानदेव इसरानी एवं नरेश ज्ञानचंदानी की मौजूदगी में किया था।

समाज ने दिए शूरवीर और सेनानी

सम्मेलन के समापन सत्र में वक्ताओं ने सिंधी समाज के समृद्ध इतिहास पर प्रकाश डाला। दिल्ली से आए चिंतक डा. अशोक पांडेय ने कहा किसिंधी समाज ने देश को कई शूरवीर और सेनानी दिए हैं। कांग्रेस के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. जेबी कृपलानी भी सिंधी समाज से थे। पुस्तक नेहरू मिथक और सत्य के लेखक पीयूष बबेले ने कांग्रेस के विचार और विरासत पर अपने विचार रखे। मप्र विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदेव इसरानी ने कहा किदेश में फैल रही नफरत को दूर करने के लिए मिलकर प्रयास करने होंगे। सम्मेलन स्थल पर सिंधी समाज की सांस्कृतिक विरासत का संदेश देती चित्र प्रदर्शन भी लगाई गई थी। समाज के प्रबुद्धजनों ने व्यापार के साथ राजनीति एवं जनसेवा के लिए समय निकालने का संकल्प लिया।

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