देवगुड़ियों के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार मामले में सजा दिलवाकर रहेंगे : अजय सिंह

देवगुड़ियों के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार मामले में सजा दिलवाकर रहेंगे : अजय सिंह
बीजापुर, 08 जुलाई । युवा आयोग के पूर्व सदस्य अजय सिंह ने शनिवार को 117 देवगुड़ियों के निर्माण में भ्रष्टाचार को लेकर बीजापुर कोतवाली में एवं कलेक्टर बीजापुर को लिखित शिकायत कर पूरे मामले की सूक्ष्मता से जांच कर अविलंब कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े भ्रष्टाचार में विधायक की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता है। अपने चहेते ठेकेदार को फायदा पहुंचाने देवगुड़ियों के निर्माण में जालसाजी कर काम पूरा किए बिना बड़ी रकम एक करोड़ 39 लाख 68 हजार रुपये का भुगतान एकमुश्त ठेकेदार के खाते में डलवा दी गई। अजय सिंह का कहना है कि प्रशासन इस पर अविलंब कार्रवाई नहीं करती है तो वे पूरे मामले को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका भी दायर करेंगे।



अजय सिंह ने कहा कि सूचना के अधिकार में इसका खुलासा हुआ है। उन्होंने बताया कि बीजापुर के एक कथित ठेकेदार के कर्मचारी को पूरी जालसाजी में मोहरा बनाकर अनिल लिंगम के नाम से फर्जी तरीके से फर्म किसान बोरबेल्स एंड सप्लायर्स को कार्यादेश जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर देवगुड़ी निर्माण कार्य हेतु संबंधित प्रगति दिखाते हुए 40 प्रतिशत राशि जारी कर दी जाती है। इतना ही नहीं उक्त निविदा जारी होने और अंतिम तिथि के बाद पंजीकृत कराए गए फर्म के नाम पर निविदा की जगह कोटेशन मंगाकर खाते में राशि आहरित कर ली गई है।



उन्होंने कहा कि जालसाजी में विधायक विक्रम मंडावी की संलिप्तता इसी बात से उजागर होती है, कि देवगुड़ी निर्माण के कार्यादेश के बदलने के लिए विधायक अपने लेटर हेड में कलेक्टर बीजापुर को पत्र लिखकर कार्य की प्रगति और गुणवत्ता के बहाने जनपदों को स्वीकृत देवगुड़ी निर्माण कार्य को सहायक आयुक्त विकास विभाग को निर्माण एजेंसी बनाने पत्र लिखते हैं, जिसके बाद जनसंपर्क विभाग के माध्यम से विज्ञापन छपवाने में गड़बड़ी करते हुए एक विज्ञापन साप्ताहिक और दैनिक अखबार में छपवाया जाता है।



अजय के मुताबिक निविदा में जिसे काम दिया गया है, वह बीजापुर के कथित ठेकेदार जो विधायक का करीबी भी है। कर्मचारी अनिल लिंगम के फर्म किसान बोरबेल्स एंड सप्लायर्स नाम से फर्म निविदा जमा होने की अंतिम तिथि 30 जनवरी 2023 के बाद 03 फरवरी 2023 को जीएसटी पंजीयन कराता है। उसके बाद सहायक आयुक्त एवं कलेक्टर बीजापुर द्वारा 13 फरवरी 2023 को कार्यादेश कोटेशन पर ही मंजूर कर लिया जाता है। उसके अगले ही दिन 14 फरवरी 2023 को बैंक खाते में फर्म के नाम पर 50 प्रतिशत अग्रिम भुगतान के आवेदन पर उसे अगले ही दिन चेक के माध्यम से सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग 62 जगहों के कार्य प्रगति पर दर्शाकर 40 प्रतिशत रकम एक करोड़ 39 लाख 68 हजार रुपये भुगतान कर दिया जाता है।
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