आईपीएल विजेता मेंटॉर vs विश्व कप 2024 विजेता कोच
द्रविड़ कूल तो काम से ही नहीं, दिखने में आक्रामक
राहुल द्रविड़ कूल रहते हैं। भले ही उनकी कोचिंग आक्रामक रही, लेकिन वह अपनी सादगी और कूलनेस के लिए मशहूर रहे। बहुत कम ऐसे मौके आए, जब उन्होंने विपक्षी टीम से आंखें मिलाई हों या कुछ कहा हो, लेकिन इसके उलट गौतम गंभीर अलग तरह के खिलाड़ी रहे हैं। वह विपक्षी टीम को उसी अंदाज में जवाब देने में विश्वास रखते हैं। यानी अब वह समय आ गया है, जब टीम के ड्रेसिंग में विराट कोहली और सिराज के अलावा भी कई फायर ब्रांड रहेंगे।
जिद, जुनून और तेवर पर होगा जोर
इसमें कोई शक नहीं कि किसी भी समय भारतीय टीम जीत के इरादे से नहीं उतरी, लेकिन अब यह सब उसकी बॉली लैंग्वेज में भी दिखाई देगी। जीत की जिद, किसी भी दम पर सफलता का जुनून और आंखों में आंखें डालकर जवाब देने का तेवर उसे पुराने अंदाज वाली 1980 के समय की विंडीज और 2000 के आसपास वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम जितना खूंखार बना देगी।
परंपरा प्रतिष्ठा अनुशासन पर मुरव्वत नहीं
गौतम गंभीर को ऐसे शख्स के तौर पर जाना जाता है, जो सख्त हैं। वह बड़े फैसले लेने से चूकते नहीं हैं। पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि कई बार खिलाड़ी डोमेस्टिक खेलने से कतराते हैं या फिटनेस का बहाना बनाते हैं। वर्कलोड की बात करके छुट्टी भी लेते हैं, लेकिन शायद अब यह नहीं चेलगा। बीसीसीआई को हारकर श्रेयस अय्यर और ईशान किशन पर कार्रवाई करनी पड़ी थी, लेकिन आने वाले समय में संभव है कि लिस्ट थोड़ी लंबी हो।











