- पूछताछ के लिए ईडी ने तीनों को सात दिन के लिए रिमांड पर लिया था। सोमवार को यह अवधि पूरी होने पर ईडी ने तीनों सचिन कुमार घोष की पीएमएलए की विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
- यहां ईडी के अधिकारियों ने तर्क दिया कि मामले में जिन विषयों पर जांच होनी है, उसके संबंध में पूछताछ पूरी हो गई है। अब आगे रिमांड की आवश्यकता नहीं है।
- इसके बाद कोर्ट ने जेल भेज दिया। वहीं, ईडी की कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपितों से उनके वकीलों की बातचीत पर कोर्ट ने नाराजगी जताई।
- आरोपितों के स्वजन को भी कोर्ट से बाहर किया गया। सौरभ की मां उमा शर्मा से इशारों में बात हुई। चेतन ने भी न्यायालय से बाहर होते हुए उमा के हाथ पकड़ कुछ बोला।
- उधर, एडवोकेट सिद्धार्थ गुप्ता ने न्याय मित्र बनने का आवेदन लगाते हुए आरोपितों की ब्रेन मैपिंग, पालीग्राफ और नार्को टेस्ट कराने की मांग की, जिस पर कोर्ट ने गुप्ता के आवेदन को खारिज कर दिया।
सौरभ के जमानत आवेदन पर आज होगी सुनवाई
उधर, ईडी की रिमांड पूरी होने पर सौरभ के वकील राकेश पाराशर ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की और पीएमएलए की विशेष न्यायालय में नियमित जमानत आवेदन प्रस्तुत किया है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी। इसके पीछे पाराशर ने तर्क दिया है कि पत्नी, छोटे बच्चे और मां का भरण पोषण करने वाला घर में अकेला सौरभ है। खाते फ्रीज होने से परिवार के सामने भूखों मरने की नौबत है। जब लोकायुक्त की कार्रवाई हुई तो सौरभ लोकसेवक नहीं था। वह अपने दोस्तों के साथ प्रापर्टी डीलिंग का काम करता था।











