सऊदी अरब के साथ भारत के रिश्ते हमेशा से अच्छे रहे हैं। हिंदुस्तान ने 1947 में अपनी आजादी के कुछ समय बाद ही सऊदी सरकार के साथ अपने राजनयिक संबंध स्थापित कर लिए थे। साल दर साल इनमें सुधार ही होता रहा। 2014 में मोदी सरकार आने के बाद भारत और सऊदी अरब के रिश्तों में जबरदस्त गर्मजोशी नजर आई। मोदी सरकार के सत्ता में काबिज होने के 2 साल बाद यानी साल 2016 में ही सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने यहां आमंत्रित किया।
जब सऊदी अरब ने पीएम मोदी को दिया था 'किंग अब्दुल अजीज सैश' सम्मान, अब पाकिस्तान से दोस्ती की वजह क्या है?
नई दिल्ली: पाकिस्तान के साथ बढ़ती सऊदी अरब की नजदीकी ने भारत के कान खड़े कर दिए हैं। दोनों देशों ने हाल ही में जो समझौता किया है, उसे भारत के लिए एक झटका माना जा रहा है। इस समझौते के तहत अगर किसी भी एक देश पर हमला होता है तो उसे दूसरे देश पर हमला माना जाएगा। अब यह सवाल उठ रहे हैं कि सऊदी अरब को अचानक ऐसा क्या हुआ, जो उसने भारत के साथ संबंधों को दरकिनार करते हुए पाकिस्तान के साथ इतनी बड़ी संधि कर ली। आइए जानते हैं...
सऊदी अरब के साथ भारत के रिश्ते हमेशा से अच्छे रहे हैं। हिंदुस्तान ने 1947 में अपनी आजादी के कुछ समय बाद ही सऊदी सरकार के साथ अपने राजनयिक संबंध स्थापित कर लिए थे। साल दर साल इनमें सुधार ही होता रहा। 2014 में मोदी सरकार आने के बाद भारत और सऊदी अरब के रिश्तों में जबरदस्त गर्मजोशी नजर आई। मोदी सरकार के सत्ता में काबिज होने के 2 साल बाद यानी साल 2016 में ही सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने यहां आमंत्रित किया।
सऊदी अरब के साथ भारत के रिश्ते हमेशा से अच्छे रहे हैं। हिंदुस्तान ने 1947 में अपनी आजादी के कुछ समय बाद ही सऊदी सरकार के साथ अपने राजनयिक संबंध स्थापित कर लिए थे। साल दर साल इनमें सुधार ही होता रहा। 2014 में मोदी सरकार आने के बाद भारत और सऊदी अरब के रिश्तों में जबरदस्त गर्मजोशी नजर आई। मोदी सरकार के सत्ता में काबिज होने के 2 साल बाद यानी साल 2016 में ही सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने यहां आमंत्रित किया।











