आचार संहिता लगी, तो अवैध हूटर को लेकर अब याद आया कानून, बना रहे चालान

आचार संहिता लगी, तो अवैध हूटर को लेकर अब याद आया कानून, बना रहे चालान
भोपाल। कानून की बात करें, तो मुख्यमंत्री का भी अपने वाहन में हूटर/सायरन लगाने का अधिकार नहीं है। हूटर सिर्फ फायर ब्रिगेड के वाहन, एंबुलेंस एवं पुलिस के वाहन में ही लगाया/ इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बावजूद राजधानी में लगभग हर सड़क पर दिन भर हूटर लगे वाहन धड़ल्ले से घूमते देखे जा सकते हैं। इनमें मंत्री, विधायक उनके रिश्तेदार और छुटभैये नेता भी अपना रसूख झाड़ने हूटर बजाते फिरते हैं। उधर, विधानसभा चुनाव का ऐलान होने के साथ प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद पुलिस ने अब हूटर, सर्चलाइट, वाहन के कांच पर काली फिल्म लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। तीन दिन में सिर्फ 10 लोगों के खिलाफ हूटर लगाने पर चालानी कार्रवाई की गई है।

यह हैं नियम

मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 212- 1994 में नौ जुलाई 2013 को संशोधन कर उपनियम स्थापित किए गए हैं। इसके तहत

*- किसी भी अग्निशमन यान (फायर ब्रिगेड का वाहन) के चालक को आग बुझाने के लिए जाते समय हूटर/ सायरन बजाने का अधिकार है।

*- किसी भी एंबुलेंस के चालक भी गंभीर मरीज को उपचार हेतु ले जाते समय ही वाहन में लगे हूटर-सायरन को बजा सकता है।

*- राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति या राज्य विधानसभा के एस्कोर्टिंग में लगे सुरक्षा वाहन हूटर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

*-सेना/ पुलिस/ कार्यपालिक दंडाधिकारी के वाहन चालक कानून व्यवस्था की स्थित बनने पर हूटर/सायरन का उपयोग कर सकते हैं। इनके अतिरिक्त किसी भी वाहन में लगा हूटर/सायरन अवैध है।

हूटर बजाने, बेचने वाले के साथ उसकी फिटिंग करने वालों पर कार्रवाई हो

रिटायर्ड एएसपी एवं ट्रैफिक विशेषज्ञ एसएस लल्ली बताते हैं कि पुलिस की अनेदेखी के कारण ही लोग वाहन में अवैध रूप से हूटर का उपयोग करते घूम रहे हैं। पुलिस को धारा 182 (ए) के तहत न सिर्फ हूटर लगे वाहन पर कार्रवाई का अधिकार है, बल्कि हूटर/सायरन बेचने वाले के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए हूटर जब्त करने की भी व्यवस्था है। कार्रवाई के दायरे में वह मैकेनिक भी है, जो हूटर की वाहन में फिटिंग करता है। यदि पुलिस इस तरह की कार्रवाई करेगी, तो लोग अपने आप हूटर लगाने से परहेज करने लगेंगे।

कार्रवाई लगातार जारी है

डीसीपी ट्रैफिक पद्मविलोचन शुक्ला का कहना है कि रविवार को पुलिस ने लोगों से उनके वाहन पर लगे हूटर, सर्च लाइट, प्रेशर हार्न, काली फिल्म आदि हटाने के लिए चेतावनी जारी की थी। सोमवार से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गुरुवार तक हूटर लगे 10 वाहनों पर कार्रवाई की गई है। इस तरह की मुहिम लगातार जारी रहेगी।

वाहन चलाते समय ध्यान भटकता है

व्यस्त ट्रैफिक में पीछे से अचानक तेज आवाज में हूटर की आवाज आने पर ध्यान भटक जाता है। पीछे आ रहे वाहन के आपातकालीन सेवा के वाहन होने का भान होता है। साइड देने पर पता चलता है कि सिर्फ भीड़ में रास्ता बनाकर आगे निकलने के लिए चालक ने अवैध हूटर का उपयोग किया। इस तरह के वाहन मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना चाहिए।

                                                                                                 - शैलेंद्र व्यास, अध्यक्ष, ब्राह्मण महासभा

वाहनों पर हूटर लगाना पूरी तरह से गलत है। शहर में कोई भी अपनी मर्जी से वाहनों पर हूटर लगा लेता है और जब भीड़ वाले क्षेत्र से गुजरने पर इनका उपयोग करता है तो लोग विचलित हो जाते हैं। एक तरह से शांति भंग होने और ध्वनि प्रदूषण भी इनकी वजह से होता है। इन पर आचार संहिता ही नहीं निरंतर कार्रवाई की जानी चाहिए।

                                                                                                            - कृष्णा शर्मा, एडवोकेट, करोंद
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