नगर निगम सीमा से बाहर 25 किमी दायरे में थमे 146 सिटी बसों के पहिये

नगर निगम सीमा से बाहर 25 किमी दायरे में थमे 146 सिटी बसों के पहिये
भोपाल । जिले में नगर निगम सीमा के बाहर 25 किलोमीटर के दायरे में चलने वाली 146 सिटी बसों के पहिये मंगलवार से थम गए। अब ये केवल शहर में ही चलेंगी। दरअसल सरकार के निगम सीमा से बाहर बसें चलाने के आदेश को लेकर बस आपरेटरों ने हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया है। अब सरकार जब आदेश का नोटिफिकेशन कराएगी, तब ही संचालन शुरू हो सकेगा।

हाइकोर्ट ने कहा, सरकार ने राजपत्र में नहीं किया आदेश प्रकाशित

हाइकोर्ट ने कहा कि जिस योजना के तहत यह आदेश जारी किया गया था, उसका राजपत्र में प्रकाशन भी नहीं हुआ है। जबकि मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 99 में प्रविधान के अनुसार, योजना का राजपत्र में प्रकाशन आवश्यक है। इस आदेश के आने के बाद भोपाल में भी आनन-फानन में बीसीएलएल ने निगम सीमा से बाहर 10 से ज्यादा रूटों पर चलने वाली बसों का संचालन रोक दिया है। बता दें कि जिले के कान्हासैया, हिनोतिया, बंगरसिया, रातीबड़, बिलकीसगंज, बागरोदा, सूखीसेवनिया, फंदा और परवलिया सहित 10 से अधिक मार्गों पर 146 सिटी बसें अभी संचालित की जा रही थीं। अब इनके बंद होने से 20 हजार से अधिक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

निगम सीमा के बाहर सिटी बसों को चलाना चुनौती

याचिका में कहा गया कि राज्य शासन ने 31 मई 2022 को एक आदेश जारी कर सभी नगर निगमों को आदेश दिए थे कि सिटी बसों को निगम सीमा के बाहर 25 किलोमीटर के दायरे में भी संचालित करें। याचिकाकतार्ओं की ओर से अधिवक्ता आशीष रावत, बृजेश दुबे व अन्य ने आदेश को नियम विरुद्ध बताया। वहीं, जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने दलील दी कि जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्युअल मिशन के तहत यात्रियों की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया गया था। अमृत योजना के तहत इस बस सेवा के संचालन का दायरा जनहित में बढ़ाया गया था।

आरटीओ नहीं दे रहा लोकल परमिट

इधर, बस आपरेटर्स का तर्क था कि आरटीओ से टैक्स में छूट नहीं मिलने से बसों का संचालन महंगा होगा, क्योंकि इन बसों का किराया निजी बसों से कम है। वहीं इस मामले में आरटीओ के अधिकारियों का कहना है कि भले ही ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन से आम जनता को फायदा मिल रहा है, लेकिन नियमानुसार सिटी बसों को ग्रामीण क्षेत्रों में संचालन पर स्टेट कैरेज का टैक्स तो देना होगा। इसमें छूट देने का प्रविधान उनके पास नहीं है।

इन मार्गों पर प्रभावित होंगी बसें

मार्ग क्रमांक - मार्ग का नाम - प्रभावित मार्ग - बसों की संख्या

टीआर -4 - चिरायु अस्पताल से सिमराई मंडीदीप - समरधा से सिमराई मंडीदीप - 20

402 - अयोध्या नगर से कजलीखेड़ा - बैरागढ़ चीचली से कजलीखेड़ा - 10

413 - कोकता ट्रांसपोर्ट नगर से रातीबड़ - नीलबड़ से रातीबड़ - 18

403 - कजलीखेड़ा से सूखीसेवनिया - भानपुर से सूखी सेवनिया और बैरागढ़ चीचली से कजलीखेड़ा - 04

204 - भौंरी से मंडीदीप - समरधा से एचइजी मंडीदीप - 16

116 - भोजपुर से पुतलीघर - 11 मील से भोजपुर - 14

टीआर-4बी - गांधी नगर से वर्धमान मंडीदीप - समरधा से वर्धमान मंडीदीप - 26

304 - बिलकिसगंज से नादरा बस स्टैंड - रातीबड़ से बिलकिसगंज - 12

एसआर-4 - करोंद चौराहा से कजलीखेड़ा - बैरागढ़ चीचली से कजलीखेड़ा - 26

इनका कहना है

हाईकोर्ट ने शासन के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसमें निगम सीमा से बाहर 25 किमी परिधि में बस संचालन शुरू कराया गया था। यह आदेश सभी नगरीय निकायों में लागू होता है। ऐसे में भोपाल में निगम सीमा से बाहर जाने वाली बसों का संचालन रोक दिया गया है।

                                                                                                        - संजय सोनी, पीआरओ, बीसीएलएल
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