भोपाल। वर्तमान में मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाली कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। देश के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वातावरण में नमी रहने के कारण इंदौर, उज्जैन, शहडोल, जबलपुर, रीवा संभाग के जिलों में कहीं-कहीं मामूली बौछारें पड़ सकती हैं। शेष संभाग के जिलों में मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। मौजूदा स्थिति को देखते हुए अक्टूबर के पहले सप्ताह में प्रदेश से मानसून की वापसी हो सकती है। उधर पिछले 24 घंटों के दौरान बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक खरगोन में 20, उज्जैन में 3.4, इंदौर में 3.2 मिलीमीटर वर्षा हुई।
राजस्थान से विदा होने लगा मानसून
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्र से मानसून वापस होने लगा है। इसका प्रभाव मप्र के मौसम पर भी दिखने लगा है। नमी कम होने से बादल छंटने लगे हैं। इससे धूप निकलने लगी है। हालांकि तापमान बढ़ने की वजह से उमस भी बढ़ रही है।
बंगाल की खाड़ी में बनने जा रहा चक्रवात
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में अरब सागर से कुछ नमी मिल रही है। इस वजह से इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं-कहीं बौछारें पड़ रही हैं। 29 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बनने जा रहा है। अगले दिन इस चक्रवात के कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। हालांकि इसका विशेष प्रभाव मप्र के मौसम पर पड़ने की संभावना कम है। रीवा, शहडोल, जबलपुर संभाग में कहीं-कहीं छिुटपुट बौछारें पड़ सकती हैं। शेष क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।











