यूएई अधिकारियों ने पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ती अस्थिरता और ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के लिए सीधे तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के मुताबिक यूएई का मानना है कि अमेरिका की आक्रामक नीतियों ने क्षेत्रीय वित्तीय स्थिरता को खतरे में डाल दिया है।
क्या कम होगा डॉलर का दबदबा?
- मैक्रोइकॉनोमिक एनालिस्ट ल्यूक ग्रोमेन (Luke Gromen) के अनुसार यूएई ने अपनी अर्थव्यवस्था को युद्ध के खतरों से बचाने के लिए अमेरिका से फाइनेंशियल लाइफलाइन के रूप में डॉलर स्वैप लाइन (Dollar Swap Line) की मांग की है।अगर यूएई तेल व्यापार के लिए चीनी करेंसी युआन अपनाता है, तो यह वैश्विक बाजार में डॉलर के दबदबे के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती होगी। दशकों से वैश्विक तेल व्यापार डॉलर में ही होता आया है।
- विशेषज्ञों का कहना है कि चीन के पास पहले से ही कई देशों के साथ स्वैप लाइनें मौजूद हैं, जिससे यूएई के लिए युआन एक व्यावहारिक विकल्प बन गया है।
