रातभर पानी उलीचता रहा परिवार
उड़िया बस्ती में करीब 22 साल से रह रहीं गीता बाथम ने बताया कि पानी तेजी से बढ़ा तो परिवार के सदस्य रातभर घर से पानी बाहर निकालते रहे। स्थिति ऐसी हो गई कि घर में सोने तक की जगह नहीं बची। बिस्तर भी पूरी तरह गीला हो गया। रसोई में रखा आटा, चावल और खाने-पीने का सामान पानी में खराब हो गया, जबकि सब्जियां बहकर नाले में चली गईं।
सुबह पानी उतरने के बाद घर में बिखरी गृहस्थी और खराब हो चुका राशन सामने था। सोमवार दोपहर नगर निगम का अमला खाना देकर गया था, लेकिन अब परिवार के सामने भोजन की व्यवस्था की चिंता है। घर में खाना बनाने के लिए सामान ही नहीं बचा है।
तिरपाल पर बैठने को मजबूर
पानी भरने से घर का फर्श भी गीला हो गया है। सीलन और पानी के कारण बैठने की जगह नहीं बची, इसलिए परिवार ने तिरपाल बिछाकर बैठने की व्यवस्था की है। बिस्तर और कपड़े भी पानी से प्रभावित हुए हैं, जिन्हें सुखाने में लोग जुटे हुए हैं।
पूरी बस्ती में यही हाल
यह समस्या केवल गीता बाथम के परिवार तक सीमित नहीं है। उड़िया बस्ती में रहने वाले लगभग हर परिवार को बारिश के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। पानी उतरने के बाद लोगों ने घरों की सफाई शुरू कर दी है, लेकिन दीवारों और घरों पर पानी भरने के निशान अब भी दिखाई दे रहे हैं। कई घरों के सामने गंदगी भी जमा है।
सड़कों पर जलभराव से बढ़ी परेशानी
मंगलवार को दिनभर रिमझिम बारिश जारी रही। इसके चलते शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया और सड़कें छोटे तालाब जैसी नजर आईं। नालों पर अतिक्रमण और उनके संकरे होने से पानी की निकासी प्रभावित होती है। बारिश थमने के बाद भी कई इलाकों में पानी जमा रहा, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।
