विनेश, बजरंग के कांग्रेस में आने से हरियाणा में लगेगा बीजेपी को झटका, सारा समीकरण समझ लीजिए
नई दिल्ली : ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पुनिया और महिला पहलवान विनेश फोगट ने शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का हाथ थाम लिया। बुधवार को राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले दोनों पहलवान आज शुक्रवार को आधिकारिक रूप से पार्टी में शामिल हो गए। इसके साथ ही ये दोनों राज्य विधानसभा चुनाव में टिकट पाने के प्रबल दावेदार हैं। इससे इन दोनों को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। अब सवाल है कि इन दोनों पहलवानों के आने से कांग्रेस को इस चुनाव में कितना फायदा मिलेगा। दूसरे शब्दों में कहें तो कांग्रेस में इन दोनों खिलाड़ियों के शामिल होने से बीजेपी को कितना झटका लगेगा।
बीजेपी को लग सकता है झटका
पिछले साल पहलवानों के विरोध प्रदर्शन का असर लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिला था। बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे का मुकाबला हुआ था। एनडीए और कांग्रेस दोनों को 5-5 सीटों पर जीत मिली थी। अब इसका असर विधानसभा चुनाव में भी दिखेगा। विनेश के गांव चरखी दादरी में युवाओं का कहना है कि यहां के लोग जंतर-मंतर की तस्वीरों को भूले नहीं है। बीजेपी की सरकार ने पहलवानों के साथ कैसा सलूक किया था, यह पूरी दुनिया ने देखा था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दोनों पहलवानों के कांग्रेस में शामिल होने का असर चरखी दादरी के साथ ही रोहतक और कुरुक्षेत्र तक पड़ेगा। राजनीति के जानकारों का मानना है कि विनेश के कांग्रेस में आने से महिला वोटरों खासकर युवा लड़कियों को भी कांग्रेस की तरफ से एक संदेश जाएगा। इसका असर चुनाव पर दिखना स्वाभाविक है। राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि महिलाएं स्थानीय राजनीति में अधिक सक्रिय होतीं हैं तो राज्य में महिलाओं के मुद्दे जोरदार तरीके से उठाए जाते हैं।
किसानों को समर्थन मिलने की उम्मीद
फोगट और पूनिया दोनों ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है। जब किसानों ने 2020 में केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था, तो फोगाट ने प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाई थी। हाल ही में विनेश फोगाट ने शंभू बॉर्डर जाकर धरने पर बैठे किसानों से मुलाकात की थी। इससे पहले उन्होंने अपने एक ट्वीट में उन्होंने कहा था कि किसान बस अपनी मेहनत के लिए सम्मान चाहते हैं। ओलंपियन पहलवान बजरंग पूनिया ने भी एकजुटता दिखाने के लिए पिछले साल जून में कुरुक्षेत्र में हुई 'किसान महापंचायत' में हिस्सा लिया था। किसानों विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। इससे इतना तो तय है कि किसानों का कांग्रेस को समर्थन भी निश्चित रूप से बीजेपी के लिए झटका साबित हो सकता है।
ओलंपिक में अयोग्य हो गईं थी विनेश
विनेश फोगाट हाल ही में तब सुर्खियों में आईं जब उन्हें पेरिस ओलंपिक में 50 किलोग्राम भार वर्ग के गोल्ड मेडल मुकाबले में 100 ग्राम अधिक वजन होने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया। खेल पंचाट न्यायालय (CAS) ने भी संयुक्त रजत पदक दिए जाने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया। इस बीच, ओलंपिक कांस्य पदक विजेता बजरंग पुनिया ने बीजेपी के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृज भूषण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इसमें उन्होंने 2023 में यौन शोषण और धमकी देने का आरोप लगाया।
5 को वोटिंग, 8 को गिनती
हरियाणा में 90 सीटों के लिए मतदान 5 अक्टूबर को होगा। वहीं, मतों की गिनती 8 अक्टूबर को होगी। इस बीच, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने हरियाणा विधानसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे पर बातचीत जारी है। इससे इस साल की शुरुआत में लोकसभा चुनावों के दौरान राज्य में उनके बीच गठबंधन जारी रहने की उम्मीद बढ़ गई है।
राज्य में दो प्रमुख राजनीतिक ताकतें, कांग्रेस और बीजेपी, मुख्य रूप से क्रमशः जाट और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) वोट बैंकों पर लड़ाई के लिए तैयार हैं। राज्य में जाटों की आबादी करीब 22 फीसदी है। कांग्रेस की जाटों पर मजबूत पकड़ मानी जाती है। राज्य में अनुसूचित जाति जो 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की आबादी का लगभग 20% हिस्सा है। ऐसे में यह विधानसभा चुनाव में निर्णायक कारक हो सकती है। पिछले एक दशक में हरियाणा में एससी के लिए वोटिंग पैटर्न समुदाय ने 2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए भारी मतदान किया था, लेकिन पिछले चुनाव में समान रूप से यह बिखरा हुआ था।











