मध्यप्रदेश में सिर्फ 15 महीनों को छोड़कर पिछले 20 सालों से कांग्रेस सत्ता से बाहर रही है। पार्टी लगातार चुनाव हार रही है। 2020 में हुए दलबदल के बाद कई क्षेत्रों में कांग्रेस का संगठन बेहद नाजुक स्थिति में हैं। अब कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने के लिए विदिशा मॉडल पर काम करेगी।
सबसे पहले जानिए क्या है विदिशा मॉडल पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने संगठनात्मक रूप से सबसे कमजोर जिले विदिशा में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया। इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए 70 एक्सपर्ट्स को चुनकर विदिशा जिले की पांचों विधानसभा सीटों के हर ग्राम पंचायत और वार्ड में भेजा गया।
एक्सपर्ट्स ने पंचायत और वार्ड में सबसे पहले कांग्रेस की कमजोरी की वजहों को लेकर रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद पंचायत और वार्ड समिति के लिए वैचारिक रूप से मजबूत कार्यकर्ताओं के नाम छांटे। बातचीत के बाद पंचायत और वार्ड समिति का गठन किया।
इन समितियों के सदस्य अब गांव और वार्ड में कांग्रेस के लिए काम करेंगे। फर्जी वोटर्स की पहचान से लेकर वोटरलिस्ट वेरिफिकेशन और चुनाव की तैयारी में ये समिति काम करेगी। विदिशा जिले में समितियों के गठन के बाद अब इस मॉडल पर प्रदेश के दूसरे जिलों में काम किया जाएगा।
समितियों का डेटा ऑनलाइन हुआ दर्ज कांग्रेस ने विदिशा जिले की पंचायत और वार्ड समितियों का गठन करने के बाद ऑनलाइन डेटा अपलोड भी किया है। इसमें समिति के अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों के नाम, मोबाइल नंबर सहित तमाम जानकारी ऑनलाइन दर्ज की गई है। अब इन समितियों के वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर आगे संगठन के काम को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित किया जाएगा।
वेरिफिकेशन का काम 30 जून तक चलेगा विदिशा जिले की पंचायतों और वार्डों में बनाई गई समितियों के वेरिफिकेशन का काम 30 जून तक चलेगा। इसके लिए पीसीसी में एक कॉल सेंटर बनाया जा रहा है। जहां से सभी समितियों के अध्यक्ष सहित तमाम सदस्यों से टेलीफोनिक बातचीत कर सत्यापन किया जाएगा।
टिफिन मीटिंग करेंगे जीतू पटवारी विदिशा जिले में गठित हुई पंचायत और वार्ड समिति के अध्यक्षों के साथ पीसीसी चीफ जीतू पटवारी जुलाई के महीने में टिफिन मीटिंग करेंगे। विधानसभा वार होने वाली टिफिन मीटिंग में सभी कार्यकर्ता अपने-अपने घर से भोजन बनवाकर टिफिन लेकर आएंगे और एक जगह पीसीसी चीफ सभी अध्यक्षों के साथ बैठकर चर्चा करेंगे और भोजन करेंगे।
अब भोपाल और नर्मदापुरम में होगा काम शुरू विदिशा जिले के बाद कांग्रेस अब इस मॉडल पर भोपाल और नर्मदापुरम संभाग की उन विधानसभाओं में इसपर काम शुरू करेगी। जहां कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है। कांग्रेस का मानना है कि इन दोनों संभागों में कांग्रेस की स्थिति सुधारने की सबसे ज्यादा जरूरत है।
विदिशा से हुई पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत कांग्रेस के संगठन प्रभारी संजय कामले ने बताया- कांग्रेस पार्टी ने बहुत महत्वाकांक्षी पायलट प्रोजेक्ट के लिए विदिशा जिले को चुना था। पार्टी में इस बात की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी कि संगठन में किस तरह से संगठन में बदलाव करना चाहिए। कैसे कांग्रेस पार्टी की जमीनी स्तर पर शुरुआत कर सकते हैं। हमारे अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पर जोर दिया।











