प्रशिक्षण देते हुए जिला मास्टर ट्रेनर तोषण गिरि गोस्वामी ने बताया कि चुनाव के दौरान होने वाली जनसभा, रैलियों आदि में जाकर वीडियो निगरानी दल द्वारा समस्त कार्यक्रम का वीडियोग्राफी किया जाएगा। इस दौरान सभा स्थल के मंच, पंडाल, पोस्टर, बैनर, झंडे तथा कुर्सी आदि को दिखाते हुए इन सबका विवरण भी कमेंट्री करते हुए देना होगा। साथ ही उम्मीदवार और स्टार प्रचारकों आदि द्वारा दिए गए भाषण का कव्हरेज करना होगा। वीडियो बनाने के क्यूशीट वीडियो अवलोकन दल को सौंप दिया जाएगा।
किसी दल का स्टार प्रचारक अपने भाषण के दौरान उम्मीदवार का नाम लेकर वोट मांगे या उम्मीदवार उसके साथ मंच साझा करे अथवा स्टार प्रचारक के मंच पर उम्मीदवार का फोटो लगा रहे तो उस सभा का सारा खर्च उम्मीदवार के खाते में जुड़ जाएगा। इसी तरह यदि स्टार प्रचारक के हेलीकॉप्टर में उम्मीदवार यात्रा करेगा तो उसका आधा किराया उम्मीदवार को वहन करना होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि रैली में एक साथ 10 से अधिक वाहन नहीं हो सकते। अधिक वाहन होने पर प्रत्येक 10-10 वाहनों के बाद कम से कम 100 मीटर का फासला होना चाहिए। वाहनों में बैनर लगाने की अनुमति नहीं होगी, केवल एक फीट गुणा डेढ़ फीट का एक झंडा लगाया जा सकता है। इसी प्रकार रैलियों में पैदल चलने वाले अपने हाथों में बैनर लेकर चल सकते हैं जिसका आकार 6 फीट गुणा 4 फीट से बड़ा नहीं होना चाहिए। इसलिए वीडियो निगरानी और अवलोकन दल को अपना कार्य बहुत ही जिम्मेदारी से करना होगा। प्रशिक्षण में इलेक्शन सुपरवाइजर आर. के. बारले, नोडल अधिकारी प्रशिक्षण नंदकिशोर सिन्हा उपस्थित थे।
