इंदौर। कालिंदी गोल्ड, सैटेलाइट हिल्स और फीनिक्स टाउनशिप में पीड़ितों की शिकायत के शीघ्र निराकरण के उद्देश्य से हाई कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर कमेटी के सामने सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। स्थिति यह हो गई कि कमेटी को पुलिस बुलवानी पड़ी। विवाद उद्योगपति कैलाश गर्ग और भूमाफिया चंपू अजमेरा के बीच हुआ।
बताया जा रहा है कि गर्ग ने चंपू को मारने के लिए हाई पावर कमेटी के सामने ही हाथ उठा लिया। उन्होंने चंपू को चोर बताते हुए लोगों का पैसा हजम करने वाला और घोटालेबाज बताया।
विवाद सैटेलाइट टाउनशिप मामले को लेकर हुआ था। सैटेलाइट की जमीन को लेकर चंपू और गर्ग के बीच पिछली सुनवाई पर भी विवाद हुआ था। इस कालोनी के कुछ सर्वे की जमीन को रखकर बैंक से लोन लिया हुआ है। चंपू यह कहकर पीड़ितों को प्लाट देने से बच रहा है कि यह मामला गर्ग का है।
इधर, गर्ग का कहना है कि प्लाट चंपू ने काटे और बेचे थे तो जिम्मेदारी भी उसकी हुई। हम इसमें क्या कर सकते हैं। सोमवार को सुनवाई के दौरान जैसे ही चंपू ने गर्ग को जिम्मेदार ठहराया, गर्ग भड़क गए। उन्होंने चंपू को मारने के लिए हाथ तक उठा लिया। हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष आइएस श्रीवास्तव ने तुरंत पुलिस को बुलवाकर हंगामा शांत करवाया।
अपर कलेक्टर सुनवाई में नहीं बैठे
जिला प्रशासन की ओर से सोमवार को अपर कलेक्टर रोशन राय कमेटी की बैठक में शामिल होने पहुंचे। उन्होंने कमेटी अध्यक्ष से मुलाकात की और चले गए। बताया जा रहा है कि जब तक हाई कोर्ट उन्हें कमेटी में नियुक्त नहीं करता वे बैठक में शामिल नहीं हो सकते। अब तक प्रशासन की तरफ से तत्कालीन अपर कलेक्टर डा. अभय बेड़ेकर सुनवाई में शामिल हो रहे थे लेकिन उनकी नियुक्ति हाई कोर्ट ने की थी।
नौ अगस्त को होना है सुनवाई
हाई पावर कमेटी को नौ अगस्त को हाई कोर्ट के सामने अपनी रिपोर्ट रखना है। कमेटी का समय बढ़ना तय माना जा रहा है। इसकी वजह है कि कमेटी के दूसरे सदस्य डा. बेडेकर कलेक्टर बनकर इंदौर से रवाना हो चुके हैं। रिपोर्ट पर जब तक दोनों सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होंगे, कमेटी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सकेगी।











