कुलसचिव तरणीश गौतम ने इस आयोजन को विश्वविद्यालय की 'सांस्कृतिक रीढ़' को मजबूत करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गौरव और सामाजिक दायित्व की भावना का विकास तभी संभव है, जब शिक्षण संस्थाएँ इतिहास के इन प्रकाश-स्तंभों को अपनी दिनचर्या और परिसर का अभिन्न अंग बनाएँ।
अकादमिक जगत के प्रतिनिधियों ने भी इस अवसर पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। कंप्यूटर साइंस विभाग के अधिष्ठाता डॉ. एच.एस. होता ने तकनीकी शिक्षा के साथ ऐतिहासिक चेतना के सामंजस्य पर बल दिया, वहीं वाणिज्य संकाय के अधिष्ठाता डॉ. अतुल दुबे ने इसे नेतृत्व क्षमता के पाठ के रूप में रेखांकित किया। जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अधिष्ठाता डॉ. कलाधर ने इस आयोजन को युवा पीढ़ी में अनुसंधान और नवाचार की संस्कृति को नई दिशा देने वाला बताया।
अकादमिक जगत के प्रतिनिधियों ने भी इस अवसर पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। कंप्यूटर साइंस विभाग के अधिष्ठाता डॉ. एच.एस. होता ने तकनीकी शिक्षा के साथ ऐतिहासिक चेतना के सामंजस्य पर बल दिया, वहीं वाणिज्य संकाय के अधिष्ठाता डॉ. अतुल दुबे ने इसे नेतृत्व क्षमता के पाठ के रूप में रेखांकित किया। जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अधिष्ठाता डॉ. कलाधर ने इस आयोजन को युवा पीढ़ी में अनुसंधान और नवाचार की संस्कृति को नई दिशा देने वाला बताया।











