कांग्रेस के पूर्व नेता और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (DPAP) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने सोमवार (19 फरवरी) को एक टीवी चैनल के इंटरव्यू में कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला को आर्टिकल 370 हटाने के बारे में पहले से पता था।
गुलाम नबी आजाद ने दावा किया था कि उमर और फारूक ने 370 हटाने से पहले PM मोदी और अमित शाह से सीक्रेट मीटिंग की थी। इन्होंने ही सरकार से कहा था कि हमें नजरबंद किया जाए, ताकि उन्हें 370 पर जनता से कोई बात न कहनी पड़े। ये दोनों नेता श्रीनगर में कुछ और बोलते हैं और दिल्ली में कुछ और दावा करते हैं। दोनों बहुत ही चालाकी से गेम खेलते हैं।
इस पर उमर अब्दुल्ला ने X पर कहा- 370 हटने के बाद सरकारी बंगले से मेरे पिता को बाहर निकाल दिया गया। वहीं, गुलाम अकेले नेता थे जो अपना बंगला रिटेन कर पाए। वो गुलाम कहां गया, जो 2015 तक हमसे राज्यसभा सीटों के लिए गुहार लगा रहा था। हम तो 8 महीने तक नजरबंद थे। आप इकलौते पूर्व मुख्यमंत्री थे, जो 370 हटने के बाद नजरबंद नहीं थे।
आप कहते हो कि अब्दुल्ला श्रीनगर में एक बात कहते हैं और दिल्ली में दूसरी। फिर भी राज्यसभा में PM मोदी आपके लिए आंसू बहाते हैं और हमारी आलोचना करते हैं। पद्म अवॉर्ड के लिए आपने कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया था। आजाद कौन है और गुलाम कौन, यह तो समय बताएगा और लोग तय करेंगे।\
फारूक बोले- गुलाम हमारी इमेज खराब कर रहे
फारूक अब्दुल्ला ने आजाद के मोदी-शाह से रात में मिलने के बयान पर कहा- अगर मुझे प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिलना ही होता तो मैं दिन में मिलता। मैं उनसे रात में क्यों मिलता। जब गुलाम नबी आजाद को कोई राज्यसभा सीट नहीं दे रहा था। तब मैं था, जिसने उन्हें राज्यसभा सीट दी, लेकिन आज वे हमारे खिलाफ बोलकर हमारी इमेज खराब करना चाहते हैं। गुलाम नबी आजाद को अपने एजेंटों का खुलासा करना चाहिए, जो मोदी और शाह के घर पर बैठे हुए हैं।
गुलाम नबी आजाद ने सफाई दी
हालांकि, मामले को लेकर गुलाम नबी आजाद ने सफाई भी दी। उन्होंने ANI से कहा, 'मैंने कभी दावा नहीं किया कि फारूक अब्दुल्ला ने PM मोदी से मुलाकात की थी। मैंने कहा था कि दिल्ली के सूत्रों से पता चला था कि फारूक, मोदी और शाह से मुलाकात करना चाहते है, वो भी सिर्फ रात में। मैंने ये नहीं कहा कि उन्हें अपॉइंटमेंट मिल गया था।'
गुलाम नबी आजाद बोले- कांग्रेस पार्टी खत्म हो रही
गुलाम नबी आजाद ने 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में कहा था कि कुछ लोगों की कमजोरियों और अहंकार के कारण सबसे पुरानी पार्टी (कांग्रेस) खत्म हो रही है। उन्होंने आगे कहा- महाराष्ट्र के पूर्व CM अशोक चव्हाण का कांग्रेस से बाहर जाना पार्टी के लिए बड़ा झटका है। मेरे पास जो जानकारी है, उसके मुताबिक आने वाले समय में और भी लोग पार्टी छोड़ेंगे।
आजाद ने कहा- मेरा राजनीतिक करियर कांग्रेस के साथ शुरू हुआ। मैं पार्टी से लोकसभा सदस्य था। मैं पहली बार महाराष्ट्र से ही राज्यसभा भी गया। भारत में केवल एक ही राज्य यानी महाराष्ट्र है, जहां कांग्रेस को पुनर्जीवित किया जा सकता है। UP और बंगाल जैसे बड़े राज्यों में कांग्रेस खत्म हो गई है।
भाजपा 400 सीट जीती तो I.N.D.I.A के नेता जिम्मेदार
इससे पहले 10 फरवरी को गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि लोकसभा चुनाव में भाजपा 400 सीट का आंकड़ा पार करती है तो इसके जिम्मेदार I.N.D.I.A के वो नेता होंगे, जो गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं।
उन्होंने कहा- मैं न तो कांग्रेस के करीब हूं और न ही भाजपा के। अगर भाजपा कुछ भी गलत कर रही है तो मैं उनकी आलोचना करने वाला पहला व्यक्ति हूं। इसी तरह कांग्रेस कुछ भी सही कर रही है तो मैं उनकी तारीफ करता हूं।











