उज्जैन। महापौर मुकेश टटवाल रविवार को महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और एक वर्ष में महापौर के रूप में किए कार्यों का लेखा-जोखा एक फोल्डर के रूप में भगवान महाकाल को अर्पित किया। आगे भी जनसेवा के कार्य करने को आशीर्वाद और हिम्मत मांगी। मालूम हो कि पिछले वर्ष 5 अगस्त को भाजपा नेता मुकेश टटवाल ने निर्वाचित 37 भाजपा पार्षदों के साथ महापौर पद की शपथ ली थी। शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने सिंहस्थ भूमि पर अतिक्रमण नहीं होने देने, सभी 54 वार्डों में जनसहायता केंद्र खोलने, यातायात व्यवस्था सुधारने, मंदिर पहुंच मार्गों की सारी बाधाएं हटाने और सड़कों को मवेशी मुक्त करने की घोषणा की थी।
महाकाल मंदिर में अवंतिका द्वार
शपथ से पहले मोक्षदायिनी शिप्रा नदी में डुबकी लगाकर शिप्रा शुद्धि का संकल्प भी लिया था। उनकी घोषणाओं का कुछ हद तक पालन हुआ और कुछ नहीं भी। प्रबुद्धजनों का कहना है कि उन्होंने उज्जैन दर्शन के लिए महाकाल लोक एक्सप्रेस बस सेवा शुरू कराना, महाकाल मंदिर में सामान्य दर्शनार्थियों के लिए भस्मारती का कोटा बढ़ाकर 500 किए जाने, उज्जैन के नागरिकों के लिए महाकाल मंदिर में प्रवेश के लिए एक अलग ‘अवंतिका द्वार’ खुलवाने जैसे कार्य प्रशंसनीय है परंतु बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने में, विकास कार्यों को गति देने में महापौर पिछड़े हैं।
नर्मदा नदी का साथ होने पर भी भीषण गर्मी के वक्त एक दिन छोड़कर शहर में जल प्रदाय कराना, शिप्रा में बार-बार नालों का पानी सीधे मिलने, वार्डों में गंदगी फैलने, सड़कों पर बरसात का पानी जमा होने, स्ट्रीट लाइट बंद होने, सड़क पर अतिक्रमण, मवेशी, अस्त-व्यस्त ट्रैफिक की स्थिति सुशासन के दावों पर सवाल उठाती है।
महालोक के लोकार्पण, सीवरेज प्रोजेक्ट को गति देने का भी जिक्र
उज्जैन महापौर के एक वर्ष की उपलब्धि बताते फोल्डर में महाकाल महालोक के लोकार्पण, शिव ज्योति अर्पणम कार्यक्रम में 18 लाख 82229 दीप एक साथ प्रज्ज्वलित करने का विश्व रिकार्ड बनाने, रंगपंचमी पर नगर गैर निकालने, भूमिगत सीवरेज पाइपलाइन प्रोजेक्ट को गति देने, 126 करोड़ की देनदारी 55 करोड़ रुपये पर सिमटाने, फोल्डर में महाकाल मंदिर में सामान्य दर्शनार्थियों के लिए भस्मारती का कोटा बढ़ाकर 500 किए जाने, उज्जैन के नागरिकों के लिए महाकाल मंदिर में प्रवेश के लिए एक अलग ‘अवंतिका द्वार’ खुलवाने, सात करोड़ रुपये से शहर की 12 सड़कों का डामरीकरण कराने, 1230 मीटर लंबा गौतम मार्ग चौड़ीकरण कार्य शुरू कराने, महाकाल लोक एक्सप्रेस बस सेवा शुरू कराने, कानीपुरा में बनाई आवासीय मल्टी सुजलाम में 147 परिवारों को गृह प्रवेश कराने का लेख प्रमुख रूप से किया है। यह भी बताया है कि एक वर्षीय कार्यकाल में महापौर परिषद की कुल आठ बैठक हुई, जिसमें 147 विषयों के प्रस्ताव अनुमोदित किए गए।











