प्रकृति के पारिस्थितिकी तंत्र को समझने में सहायक होगा यू-क्रिस्प टूल, विज्ञान-प्रौद्योगिकी मंत्री व ब्रिटिश उप-उच्चायुक्त ने किया लोकार्पण

प्रकृति के पारिस्थितिकी तंत्र को समझने में सहायक होगा यू-क्रिस्प टूल, विज्ञान-प्रौद्योगिकी मंत्री व ब्रिटिश उप-उच्चायुक्त ने किया लोकार्पण
भोपाल। मध्य प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकास्ट) द्वारा इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट फार एनवायरनमेंट एंड डेवलपमेंट के सहयोग से मनरेगा कार्यक्रमों के लिए विकसित जलवायु सूचना सेवा टूल यू-क्रिस्प की स्थापना और रिसोर्स सेंटर का उद्धघाटन शुक्रवार को मैपकास्ट परिसर में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने की, जबकि ब्रिटिश उप उच्चायुक्त एवं मंत्री क्रिस्टीना स्काट मुख्य अतिथि थीं| इकोसिस्टम आफ नेचर को समझने में इस टूल के माध्यम से सहायता मिलेगी।

साझेदारी से दोनों देशों को मिलेगा फायदा

क्रिस्टीना स्काट ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत एवं ब्रिटेन के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ाने के लिए हाल ही में अनुबंध हुए हैं, जिसके माध्यम से दोनों देशों को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह भारत में होने वाली जी 20 समूह की बैठक में भारतीय प्रधानमंत्री एवं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के बीच होने वाली बैठक में विज्ञान एवं तकनीकी से जुड़े विषयों में आपसी सहयोग से साझा कार्यक्रमों के लिए सहमति बनेगी।

सीहोर और रायसेन में हुई थी लाचिंग

इस अवसर पर मेपकास्ट के महानिदेशक डा. अनिल कोठारी कहा कि यू-क्रिस्प टूल जलवायु प्रभाव प्रबंधन करने में मदद के साथ ही जल संरक्षण के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण भी प्रदान करेगा। मैपकास्ट में अंतरराष्ट्रीय स्तर के रिसोर्स सेंटर का वैश्विक स्तर पर उपयोग एवं अधिकारियों के प्रशिक्षण हेतु नवनिर्मित रिसोर्स सेंटर का उपयोग किया जाएगा। दोपहर बाद ब्रिटिश उपउच्चायुक्त ने प्रतिनिधि मंडल एवं मेपकास्ट के वैज्ञानिकों के साथ राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भेंट की, साझा कार्यक्रमों एवं उन्नत तकनीक सहयोग पर जानकारी दी। यह प्रतिनिधिमंडल सीहोर भी गया। देश में पहली बार यह टूल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अक्टूबर 2021 में सीहोर और रायसेन में लांच किया गया था। टूल को बीबीसी द्वारा 'शीर्ष 10 नवाचार टूल' में भी शामिल किया गया है।
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