दो सगी बहनों को बाइक में घुमाने के बहाने किडनैप कर रात भर दरिंदगी, पुलिस ने आरोपियों को ऐसे दबोचा

दो सगी बहनों को बाइक में घुमाने के बहाने किडनैप कर रात भर दरिंदगी, पुलिस ने आरोपियों को ऐसे दबोचा
उमरियाः मध्य प्रदेश में महिलाओं के अत्याचार के मामले बढ़ते जा रहे हैं। यहां तो महिलाएं के अलावा बच्चियां भी सुरक्षित नहीं है। बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ती जा रही है। ऐसा ही एक मामला उमरिया जिले से सामने आया। यहां दो सगी बहनों को बंधक बनाकर दुष्कर्म की वारदात हुई। हालांकि पुलिस ने आरोपियों को गिफ्तार कर लिया है।

दरअसल, मामला जिले के बिरसिंहपुर पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत का है।यहां दो सगी बहनों का अपहरण और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया है। दे बहनें गीता और मीता (बदला हुआ नाम) दो सगी बहने हैं, जिसमे गीता साढ़े 18 वर्ष की और मीता 13 वर्ष की है।

बाइक में बैठाकर ले गए जंगल


पुलिस ने बताया कि मामला 15 अक्टूबर की शाम का है। जब शाम को अपने खेत से घर की तरफ आ रही थी। तभी रास्ते मे हुआ मोनू, राजू और अर्जुन मिले और बोले कि चलो तुमको बाइक से घुमा कर लाते हैं। हालांकि पड़ोस के गांव का लड़का होने के चलते बहनों ने मोनू के बात का भरोसा कर लिया। इसके बाद अर्जुन दोनों बहनों को चांदपुर के जंगल मे ले गया।

जंगल में छोड़ दोस्तों को लेने पहुंचा


आरोपी अर्जुन ने दोनों बहनों को जंगल में रोक कर बोला कि तुम लोग रुको। हम मोनू और राजू को लेकर आते हैं। इसके थोड़ी देर बाद अर्जुन बाइक से मोनू और राजू के लेकर आ गया। सभी बात करने लगे उसी बीच मोनू छोटी बहन मीता को जबरन बाइक में बैठा कर ले गया। तब अर्जुन और राजू बड़ी बहन गीता के साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद धमकी दिया कि यह बात किसी को बताई तो जान से मार देंगे। वहीं, मोनू ने छोटी बहन मीता को अपने घर ले जाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।


किसी तरह थाने पहुंच दर्ज कराई शिकायत


राजू और अर्जुन बड़ी बहन गीता के साथ जंगल मे दुष्कर्म कर वहीं छोड़ कर गायब हो गए। हालांकि मोनू छोटी बहन मीता को दूसरे दिन रेलवे स्टेशन में छोड़ कर गायब हो गया। किसी तरह अपने रिश्तेदार की मदद से घर तक आई और बड़ी बहन की तलाश शुरू हो गई लेकिन बड़ी बहन का कोई पता नहीं चला जब बड़ी बहन एक दिन बाद आई तब उसने बताया कि मेरे साथ भी बाकी उसके दो दोस्तों ने गलत काम किया है।


इस मामले में महिला थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी ने बताया कि पाली थाने में 18 अक्टूबर को दो अलग-अलग प्रकरण आरोपी अर्जुन उर्फ पोरस उर्फ गुड्डा तिवारी उम्र 33 वर्ष निवासी शहडोल, राजू उर्फ उमेश सोंधिया उम्र 30 वर्ष निवासी शहडोल एवं मोनू उर्फ सुशील तिवारी उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम चांदपुर थाना पाली के खिलाफ केस दर्ज तलाश शुरू किया। वहीं, आरोपियों की तलाश के लिए सायबर सेल की मदद से पूरी रात तलाश की गई और दूसरे दिन तीनो को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार करने में सफलता मिली। आज सभी को न्यायालय में पेश किया गया जहां से जेल दाखिल कर दिया गया।
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