देशभर के ट्रक ड्राइवर हिट एंड रन मामले में केंद्र सरकार के नए कानून के प्रावधानों को लेकर सोमवार से हड़ताल पर हैं। इसकी वजह से विभिन्न राज्यों में पेट्रोल-डीजल, फल-सब्जी जैसी बेहद जरूरी चीजें नहीं पहुंच रही हैं, जिसके चलते इन सभी के दाम बढ़ गए हैं।
मध्य प्रदेश, राजस्थान, समेत 10 राज्यों से पेट्रोल-डीजल पंप ड्राई होने की खबरें हैं। यहां लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। फल, सब्जी, दूध, कृषि के सामानों की सप्लाई प्रभावित हो रही है। कई जगह प्रशासन ट्रांसपोटर्स से संपर्क कर आपूर्ति बहाल करवाने में लगा है।
ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष अमृतलाल मदान ने कहा, ‘अभी ट्रांसपोटर्स ने हड़ताल की घोषणा नहीं की है। इस पर फैसला मंगलवार को दिल्ली में होने वाली बैठक में होगा। अभी ड्राइवर खुद ही गाड़ियां छोड़कर उतर रहे हैं। दूसरों को भी चलाने नहीं दे रहे हैं।'
बाइक और कारों में पेट्रोल भरवाने के लिए लोग घंटों से लाइन में लगे हैं, इन्हें डेढ़-दो घंटे बाद पेट्रोल मिल रहा है।
हरियाणा के पेट्रोल पंपों में 7 दिन का ही पेट्रोल-डीजल बचा है। राज्य में 3800 पेट्रोल पंप हैं। निजी ट्रक चालक पानीपत स्थित रिफाइनरी और बहादुरगढ़ स्थित प्लांट से तेल नहीं भरवा रहे हैं। जिन पेट्रोल पंपों के खुद के वाहन हैं, वे ही तेल पहुंचा पा रहे हैं।
पंजाब में ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल का असर दिखना शुरू हो गया है। प्रदेश के 4100 पंपों में से 30% पंप कल रात ही खाली हो चुके थे। वहीं कई पेट्रोल पंपों पर मात्र एक दिन का तेल बचा है, जो आज शाम तक बिक जाएगा।
छत्तीसगढ़ में बस-ट्रक ड्राइवर्स की हड़ताल का असर पेट्रोल-डीजल सप्लाई पर पड़ा है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़, जगदलपुर में पेट्रोल पंप पर लोगों की भीड़ लग रही है। सरगुजा जिले में 40 फीसदी और बिलासपुर के कुछ पेट्रोल पंप ड्राई हो चुके हैं।
रायपुर, सरगुजा और बिलासपुर में कुछ स्कूल बसों के ड्राइवर्स भी हड़ताल में शामिल हैं। ट्रकों के नहीं आने से सब्जियों की सप्लाई रुक गई है, जिससे उनके दाम बढ़ गए हैं।
इस मामले में वो सबकुछ, जो आपको जानना जरूरी है
1. हिट एंड रन कानून में क्या बदलाव किया गया है, किस बात का विरोध: संसद से पारित और कानून बनी भारतीय न्याय संहिता में हिट एंड रन के मामलों में ‘लापरवाही से मौत’ में विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके अनुसार यदि चालक के तेज और लापरवाही से गाड़ी चलाने से मौत होती है और ड्राइवर पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचना दिए बिना भाग जाता है, तो 10 साल तक की कैद और 7 लाख रुपए जुर्माना।
2. अब तक क्या कानून है: आईपीसी की धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना), ड्राइवर की पहचान के बाद 304ए (लापरवाही से मौत) और 338 (जान जोखिम में डालना) के तहत दर्ज किया जाता है। इसमें दो साल सजा का प्रावधान है। वाहन चालक दुर्घटना के बाद भाग जाते थे।
3. ड्राइवरों की चिंता: मौके पर रहे तो भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है
ट्रकों की हड़ताल का आम आदमी पर असर: इस हड़ताल का आम आदमी पर सीधा असर देखने को मिल सकता है। ट्रकों की हड़ताल होने से दूध, सब्जी और फलों की आवक नहीं होगी और कीमतों पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। वहीं, पेट्रोल-डीजल की सप्लाई रुकने के आसार हैं, जिससे लोकल ट्रांसपोर्ट और आम लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो सकती है।
भारत में 95 लाख से ज्यादा ट्रक हर साल 100 अरब किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करते हैं। देश में 80 लाख से ज्यादा ट्रक ड्राइवर हैं, जो हर दिन जरूरत का सामान एक शहर से दूसरे शहर ट्रांसपोर्ट करते हैं। हड़ताल के कारण इतनी बढ़ी संख्या में ट्रकों के रुकने से जरूरी चीजों की किल्लत हो सकती है।
MP में ड्राइवरों की हड़ताल, दूध से किराना तक सप्लाई ठप: स्कूल बसें बंद
मध्यप्रदेश में दूसरे दिन मंगलवार को ट्रक-बस ड्राइवर्स की हड़ताल का असर जरूरी सेवाओं पर दिख रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर सहित अन्य जिलों में दूध से लेकर सब्जी और किराना सप्लाई कम हुई। स्कूल-कॉलेज बसें बंद रहने से स्टूडेंट्स और पेरेंट्स परेशान हुए।
बसें नहीं चलने से कई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई। कुछ स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस लगी हैं। यात्री बसें बंद होने से लोग परेशान हो रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...











