भोपाल/ शासकीय, अर्द्धशासकीय विभागों, निगम मंडलों, सहकारिता, मंडियों, पंचायतों, स्कूलों, छात्रावासों, सहकारी एवं राष्ट्रीयकृत बैंकों, नगरीय निकायों, कालेजों, यूनिवर्सिटियों, अस्पतालों, मेडीकल कालेजों, पॉलीटेक्निक, इंजीनियरिंग कालेजों, जनभागीदारी कर्मचारियों सहित सभी विभागों में कार्यरत 12 से 15 लाख आउटसोर्स, अस्थाई, ठेका, एजेंसी, दैनिक वेतन भोगी, मस्टर कार्यभारित एवं अंशकालीन कर्मचारी ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स, अस्थाई एवं ठेका कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा मप्र के मंच पर एक साथ आकर 10 सितंबर से भोपाल के शाहजहानी पार्क में प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा के नेतृत्व में आउटसोर्स की फोर्स डेरा डालेगी और अपने हक अधिकार का निर्णायक संघर्ष शुरू करेंगे। आंदोलन की शुरूआत 9 सितंबर को सीहोर से सीएम हाउस तक पैदल तिरंगा यात्रा निकालकर होगी, जिसमें सीहोर, देवास, भोपाल, शाजापुर, इंदौर, रतलाम, आगर मालवा के 5 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी शामिल होंगे।
संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने बताया कि 10 सितंबर के आउटसोर्स आंदोलन की तैयारियां सभी जिलों में व्यापक स्तर पर चल रही हैं, हर दिन विधायकों, मंत्रियों, अधिकारियों को नौकरियों में लागू अन्याय कारी आउटसोर्स अस्थाई कल्चर समाप्त कर विभाग में संविलियन की मांग के ग्यापन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से आउटसोर्स पर कोई जबाव नहीं आया है, जिससे आउटसोर्स अस्थाई कर्मचारियों में गुस्सा है और वे पूरी एकजुटता के साथ 10 सितंबर को भोपाल में डेरा डालने पहुंचेंगे हैं।
*सीहोर से सीएम हाउस तक तिरंगा यात्रा*
आउटसोर्स आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए 9 सितंबर को 11 बजे सीहोर से सीएम हाउस तक तिरंगा यात्रा शुरू होगी। सीहोर के विश्व प्रसिद्ध गणेश मंदिर में पूजन अर्चन कर आशीष सिसोदिया, बृजेश पांडे, अरूण यादव, विक्रम राजोरिया, शैलेंद्र प्रजापति, रोहित लोधी, गायत्री जायसवाल, विजय कुमार, अरविंद शर्मा, दानिश अली, पंकज चतुर्वेदी, राजेश सहित सभी कोर कमेटी सदस्यों के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा की शुरूआत की जाएगी, वरिष्ठ कर्मचारी नेता अनिल वाजपेयी, जीवन लाल सेन, रीतेश देवनाथ, प्रकाश यादव एवं प्रकाश पुंज चौधरी तिरंगा झंण्डा सौंपकर सीहोर से यात्रा को रवाना करेंगे।
*आंदोलन से प्रभावित होगा महत्वपूर्ण काम*
⚫9 सितंबर से शुरू हो रहे आउटसोर्स आंदोलन से सरकार के कई महत्वपूर्ण काम प्रभावित होंगे, निर्वाचन विभाग के कंप्यूटर आपरेटर 9 सितंबर से ही आंदोलन में शामिल होंगे, जिससे वोटर लिस्ट सहित चुनाव से जुडे काम प्रभावित होंगे।
⚫ केंद्र एवं राज्य सरकार का बच्चों के टीकाकरण के विशेष अभियान "इंद्र धनुष" कार्यक्रम 11 सितंबर से शुरू हो रहा है, आउटसोर्स आंदोलन से यह प्रभावित होगा क्योंकि केंद्रों तक वैक्सीन पहुंचाने वाले सभी जिलों के वैक्सीन लिफ्टर (एवीडी) सीहोर से तिरंगा यात्रा में साथ चलेंगे।
⚫ डायल -100, एंबूलेंस-108 सेवा पर आउटसोर्स आंदोलन का व्यापक असर रहेगा क्योंकि इसमें कार्यरत कर्मचारी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं, लोकसेवा केंद्रों का काम भी प्रभावित होगा।
⚫आउटसोर्स की फोर्स में बडी संख्या में क्लास-4 शामिल है, जिससे सरकारी विभागों, स्कूलों, छात्रावासों की साफ सफाई की व्यवस्थाओं सहित छोटे छोटे कामों पर असर पडेगा। आउटसोर्स ड्राईवर भी 10 सितंबर से होने वाले आंदोलन का हिस्सा हैं, अधिकारियों को खुद ही गाडियां चलानी पडेंगी।
*4 साल से नहीं मिला मानदेय*
पंचायतों के ग्राम सेवा केंद्र के कंप्यूटर आपरेटरों को 4 साल से मानदेय नहीं मिला है। शासन ने ग्रामीण जनता तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने का काम निजी एजेंसी को दिया था, जिसने पंचायतों में कंप्यूटर आपरेटरों को 4 हजार रूपए मानदेय में रखा था, एजेंसी आपरेटरों को मानदेय दिए बिना ही गायब हो गई।
*कर्मचारी आंदोलन के इतिहास का सबसे बडा आंदोलन*
10 सितंबर से भोपाल में प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा के नेतृत्व में शुरू हो रहा आउटसोर्स आंदोलन कर्मचारी आंदोलन के इतिहास का सबसे बडा आंदोलन होगा, जिसमें 12 से 15 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे और 1 लाख से अधिक कर्मचारी भोपाल पहुंचेंगे, जो सरकार से ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही वापस लौटेंगे।











