फिल्म के ट्रेलर की शुरुआत में नाना पाटेकर और पल्लवी जोशी, जो कि इस मूवी की प्रोड्यूसर हैं। वह दोनों फोन पर भारत के साइंटिस्ट के बारे में बात करते हैं। जहां पल्लवी बताती हैं कि देश के वैज्ञानिकों के पास 1 लाख रुपये भी नहीं। इसके बाद नाना पाटेकर अपने बाकी साइंटिस्ट्स के साथ मिलकर ये कहते हैं कि वह वैक्सीन बनाएंगे। वहीं, पत्रकार की भूमिला में रिमी सेन कहती हैं कि इंडिया 130 करोड़ लोगों की जान बचाने में समर्थ नहीं है। वह ऐसा नहीं कर सकती है।
विवेक अग्निहोत्री की 'द वैक्सीन वॉर' का ट्रेलर रिलीज, 28 सितंबर को 'फुकरे 3' से होगी भयंकर भिड़ंत
'द कश्मीर फाइल्स' के बाद विवेक रंजन अग्निहोत्री फिल्म 'द वैक्सीन वॉर' लेकर आ रहे हैं। इसका ट्रेलर 12 सितंबर को रिलीज हो चुका है। मेकर्स ने हालांकि ट्रेलर को सच्ची घटना पर आधारित और मूवी को मास्टरपीस पहले ही बता दिया है। इसमें नाना पाटेकर, अनुपम खेर, रिमी सेन, गिरिजा ओक समेत अन्य कलाकार अहम भूमिका में दिखाई दे रहे हैं। भारत की पहली बायो-साइंस फिल्म 'द वैक्सीन वॉर' कोरोना महामारी के दौरान की कहानी दिखा रही है कि कैसे भारत ने अपनी खुद की वैक्सीन बनाई थी।
'द वैक्सीन वॉर' में एक अलग ही लड़ाई दिखी
वैक्सीन बनाने के दौरान साइंटिस्ट्स को किन-किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। और देश की मीडिया की तरफ से इस पर क्या-क्या कहा जाता है। वह सब इस मूवी में विवेक अग्निहोत्री ने दिखाया है। हालांकि कुछ चीजें देखकर आपको भी थोड़ा समझ नहीं आएगा कि कौन किसका किरदार निभा रहा है। इस ट्रेलर में वैदिक संस्कृति से भी जोड़ने का प्रयास किया गया है। अंत में सभी महिला साइंटिस्ट्स को लगता है कि वह सभी मरने वाले हैं लेकिन नाना पाटेकर कहते हैं कि ये एक युद्द है और वो सभी सोल्जर्स।











