हृदय की नसों को कमजोर कर रहा तंबाकू का मंजन, बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा

हृदय की नसों को कमजोर कर रहा तंबाकू का मंजन, बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा
भोपाल । तंबाकू और तंबाकू का मंजन (नस मंजन) हृदय की नसों को कमजोर कर रहा है। इनके सेवन से हृदय की पंपिंग (फैलना और सिकुड़ना) क्षमता भी कम हो जाती है, जो हार्ट अटैक का बड़ा कारण बनता है। यह बात भोपाल के गांधी मेडिकल कालेज (जीएमसी) में हृदय की बीमारी का इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों की संख्या, जांच और एनालिसिस में सामने आई है। यहां पहुंचने वाले कुल मरीजों में से 45 प्रतिशत तंबाकू खाने और तंबाकू का मंजन करने वाले पाए गए।


दिल हो जाता है कमजोर

चिकित्सकों का कहना है कि इनमें ज्यादातर मरीज ग्रामीण और स्लम क्षेत्रों के हैं। इन मरीजों का हृदय सामान्य व्यक्ति की तुलना में 50 से 60 प्रतिशत तक कमजोर हो जाता है। 10 से 15 प्रतिशत मरीजों की एंजियोप्लास्टी, तो पांच से 10 प्रतिशत मरीजों को पेसमेकर तक लगाना पड़ रहा है। बीते कुछ सालों में बड़ी संख्या में पेसमेकर लगाए गए हैं।

मीठा और धीमा जहर

जीएमसी के हृदय रोग विशेषज्ञ डा. राजीव गुप्ता ने बताया कि तंबाकू का मंजन मीठा और धीमा जहर है। इसे आम बोलचाल में नस का मंजन कहते हैं, जबकि यह पिसा हुआ तंबाकू है। इसके इस्तेमाल से हृदय की कोशिकाएं प्रभावित हो रही हैं। इसकी वजह से हृदय में रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है। इसे डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी भी कहते हैं। यह हृदय की मांसपेशियों का रोग है। इसमें हृदय के आकार में असामान्य वृद्धि होने लगती है और मांसपेशियां बढ़ने लगती हैं या सिकुड़न आने लगती है।

वर्ष - ओपीडी में पहुंचने वाले - नस मंजन करने वाले - टीएमटी कराने वाले

2018 - 25,240 - 22 - 388

2019 - 28,957 - 20 - 333

2020 - 14,612 - 17 - 93

2021 - 9,410 - 26 - 04

2022 - 14,618 - 23 - 215

2023 - 10,456 - 17 - 269 (अभी तक)

(नोट : आंकड़े हमीदिया अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग के अनुसार)

हृदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, इसमें मुख्य कारण तंबाकू का सेवन भी है। आसपास के क्षेत्रों से हमारे यहां ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनको तंबाकू और नस का मंजन करने की लत है।

                           - डा. राजीव गुप्ता, डीएम व विभागाध्यक्ष कार्डियोलाजी विभाग, हमीदिया अस्पताल

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