इस बार ओस की बूंदों के साथ ठंड की शुरुआत, रबी फसलों के फायदे

इस बार ओस की बूंदों के साथ ठंड की शुरुआत, रबी फसलों के फायदे
नवदुनिया न्यूज। ठंड की शुरुआत इस बार ओस की बूंदों से हुई है। यह किसानों के लिए सबसे शुभ संकेत है। खासकर रबी फसल के लिए इस तरह का मौसम सबसे उपयुक्त रहेगा।

दीपावली के बाद से अचानक बदले मौसम में अब लगातार दिन व रात के तापमान में गिरावट के आसार भी बने हैं। ज्ञात रहे आधा नवंबर बीत जाने के बाद भी इस बार ठंड शुरू नहीं हो सकी।

दीपावली के बाद आसमान में छाए बादलों के कारण रात के तापमान में भी बढ़ोतरी हो गई। लेकिन गुरुवार से हवाओं का रुख बदल कर पूर्वी हो गया। जो अगले एक-दो दिन में उत्तर पूर्वी हो जाएगा। इसके बाद दिन व रात दोनों ही तापमान में गिरावट होना शुरू हो जाएगी।

मौसम विशेषज्ञों ने भी अब तेजी से तापमान में गिरावट होने के आसार बताए हैं। इसमें सबसे अच्छी बात किया है कि इस बार सीजन की शुरुआत में ही ओस की बूंदें दिखाई दे रही हैं, जो रबी सीजन की फसलों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है।

खासकर इस बार 4 हजार 650 हेक्टेयर में लगाई गई चना फसल के लिए अगले 4 दिन के बाद सबसे अच्छा मौसम शुरू हो जाएगा। जबकि 45 हजार 820 हेक्टेयर में लगाई गई गेहूं फसल के लिए भी ओस की बूंदों ठंड की शुरुआत सबसे अच्छी मानी जाती है।

मौसम विशेषज्ञ आरएस गोयल ने बताया कि अब लगातार दिन और रात के तापमान में गिरावट होना शुरू हो जाएगी। अगले एक सप्ताह में कडाके की ठंड भी शुरू होगी। पिछले साल ठंड के सीजन में भी और दिखाई नहीं दी थी इस कारण गेहूं की फसल पर कुछ प्रभाव पडा था। इस बार सीजन की शुरुआत में ही आस की बूँदे रबी सीजन की फसलों के लिए एक शुभ संकेत है।

100 फीसद हो चुकी रबी फसलों की बोवनी

कृषि विकास अधिकारी एसके उपाध्याय ने बताया कि सारंगपुर विस में 100 फीसद रबी सीजन की फसलों की बोवनी पुरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि सारंगपुर गेहूं लक्ष्य से कम यानि 45 हजार 820 हेक्टेयर में लगाया गया है।

जबकि जो 3 हेक्टेयर, चना 4650 हेक्टेयर, मसूर 10 हजार 583 हेक्टेयर, मटर 445 हेक्टेयर, सरसो 5625 हेक्टेयर तथा अलसी 3 हेक्टेयर में बोई गई है। उन्होंने बताया कि सारंगपुर विकासखंड में इस बार लक्ष्य के हिसाब से 67129 हेक्टेयर कृषि रकबे में रबी फसलों की बुआई की जा चुकी है।

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