95 साल पहले बनी ये घटिया फिल्म, 7500 लोगों पर छोड़ दिया 23 लाख लीटर पानी, कुछ की गई जान, कइयों की हड्डियां टूटी

95 साल पहले बनी ये घटिया फिल्म, 7500 लोगों पर छोड़ दिया 23 लाख लीटर पानी, कुछ की गई जान, कइयों की हड्डियां टूटी
जब हम बड़े पर्दे पर कोई आपदा, एक्शन वाले हाई ऑक्टेन सीन देखते हैं तो दिमाग में यही आता है कि इसे शायद VFX की मदद से शूट किया गया हो। लेकिन कुछ फिल्मों के डायरेक्टर रियल सीन को दिखाने के लिए खतरा भी मोल ले लेते हैं। आज 'फिल्मी फ्राइडे' में हम एक ऐसी ही फिल्म का किस्सा सुनाने जा रहे हैं जिसे शूट करने में हजारों लोगों की जिंदगी दांव पर लगी थी। इनमें से 3 लोगों की मौत भी हो गई और न जाने कितने लोगों को चोटें आईं और उनकी हड्डियां तक टूट गईं।

ये फिल्म साल 1928 में रिलीज हुई थी। हॉलीवुड की फिल्म Noah's Ark की शूटिंग हो रही थी और इस फिल्माने के लिए मेकर्स ने काफी बेवकूफाना कदम उठाया था। हालांकि, बताया जाता है कि ऐसा नहीं कि फिल्म के इस सीन में नजर आ रहा बाढ़ असली है, लेकिन इसे शूट करने में 7500 लोगों की जान दांव पर लग गई थी। अब आप सोच रहे होंगे कि जब बाढ़ असली नहीं था तो आखिर लोगों की जिंदगी दांव पर कैसे लगी होगी।


सेट पर मौजूद लोगों पर 23 लाख लीट पानी छोड़ दिया

दरअसल कहते हैं कि डायरेक्टर को फिल्ममेकिंग के दौरान सूझा कि लोगों के चेहरे पर बाढ़ वाला असली खौफ दिखाया जाए। इसी वजह से उन्हें बिना बताए ही मेकर्स ने वहां सेट पर मौजूद लोगों पर 23 लाख लीटर पानी छोड़ दिया। लोगों को इस बात का पहले से अंदाजा नहीं था और वे घबरा कर इधर-उधर भागने लगे। इससे मेकर को वो सीन तो मिल गया जो उन्हें चाहिए था, लेकिन इसकी वजह से कई लोगों को काफी नुकसान हुआ।

ये फिल्म सबसे वाहियात फिल्मों में भी शामिल

जहां मेकर्स ये सोचकर मूंछ पर ताव दे रहे थे कि उनकी ये फिल्म दुनिया की सबसे शानदार फिल्मों में गिनी जाएगी, वहीं इसे सबसे बेकार बताया गया। हालांकि, फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी लागत से डबल कमा जरूर गई लेकिन डायरेक्टर माइकल कर्जिट की ये फिल्म सबसे वाहियात फिल्मों में भी शामिल है।

इस सीन के लिए 7500 लोगों को वहां खड़ा किया गया

इस सीन के लिए मेकर्स ने विशाल सेट बनवाया था, जिसमें 10 हजार लोगों को कास्ट किया गया था। ये बाढ़ वाला सीन फिल्म के क्लाइमैक्स का है, जिसमें लीड एक्टर के साथ एक विशाल भीड़ को बाढ़ में फंसा हुआ दिखाना था। अब इस सीन के लिए 7500 लोगों को वहां खड़ा किया गया। डायरेक्टर माइकल और प्रड्सूसर डैरिल जानक इस सीन में बाढ़ में फंसे लोगों का ऐसा रिक्शन शूट करना चाहते थे जो असल में होता है। सिनेमेटोग्राफर को इस सीन के पीछे की मंशा भी बता दी गई और कहा गया कि उन्हें कैसे लोगों के चेहरे पर डर को दिखाना है।

सिनेमेटोग्राफर ने इसे शूट करने से इनकार कर दिया

हालांकि, मेकर्स का ये आइडिया सुनकर सिनेमेटोग्राफर ने कहा भी कि इतना पानी उनपर छोड़ना काफी खतरनाक होगा, लेकिन जवाब में उन्होंने कहा कि वहां मौजूद एक्स्ट्राज़ अपनी जान बचा लेंगे। आपको जानकर हैरानी होगी कि सिनेमेटोग्राफर ने इसे शूट करने से इनकार कर दिया और वह सेट से निकल गए।

इसी दौरान 3 लोगों की जान भी चली गई

डायरेक्टर ने इस सीन को फिल्माने से पहले ये पड़ताल भी नहीं की कि उनमें से कितने लोग तैरना जानते हैं। जब पानी उनपर छोड़ा गया तो उसके फोर्स की वजह से कई लोग कॉन्क्रीट से बने सेट से टकरा गए। वहां मौजूद पत्थरों से टकराने की वजह से कई लोगों की हड्डियां टूटी और जिन्हें तैरना नहीं आता था वो डूबने से लगे थे। इसी दौरान 3 लोगों की जान भी चली गई और सैकड़ों लोगों को काफी चोटें आईं।

इसे सबसे घटिया मूवी बताया गया, हॉलीवुड फिल्मों में स्टंट सेफ्टी के नियम जुड़े

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक शख्स को इतनी ज्यादा टोच लगी कि उनका पैर काटना पड़ा था। वहीं घायल लोगों को संभालने के लिए सेट पर कुल 35 एम्ब्युलेंस मौजूद थे। अमेरिकन मैगजीन 'द न्यूयॉर्कर्स' ने इसे सबसे घटिया मूवी बताया और शूटिंग के इस कांड की वजह से ये विवादों में रही। कहते हैं कि इसी फिल्म के बाद से हॉलीवुड फिल्मों में स्टंट सेफ्टी से जुड़े नियमों को लागू किया गया, जिसमें मेकर्स के खिलाफ कार्यवाही की बात कही गई।
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