ये फॉग नहीं, स्मॉग है... नोएडा, गाजियाबाद ही नहीं मेरठ से गोरखपुर तक दमघोंटू धुएं से परेशानी

ये फॉग नहीं, स्मॉग है... नोएडा, गाजियाबाद ही नहीं मेरठ से गोरखपुर तक दमघोंटू धुएं से परेशानी
नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में एयर क्वालिटी इंडेक्स हवा के स्तर को खतरनाक बता रहा है। शहर में एक्यूआई 467 पर पहुंचा दिख रहा है। स्मॉग के असर ने विजिबिलिटी को प्रभावित कर दिया है। शहर में विजिबिलिटी 700 मीटर दिख रही है। यह स्थिति तब है, जब शहर में 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। गाजियाबाद में भी हवा में प्रदूषण का स्तर काफी खराब है। शहर भी स्मॉग ने एक्यूआई 411 दर्ज किया जा रहा है। हवा में पीएम 2.5 का स्तर बढ़ने से लोगों को घरों में कैद होना पड़ रहा है। बाहर निकलने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दम फूलने जैसी समस्या लोगों को झेलनी पड़ रही है।

प्रदेश के अधिकांश शहरों में नवंबर की शुरुआत में ही इस प्रकार की स्थिति ने लोगों को डराना शुरू कर दिया है। अमूमन दिवाली के बाद प्रदूषण के स्तर में इजाफा होता दिखता है। हालांकि, इस प्रकार की स्थिति ठंड की शुरुआत में ही हो गई है। पराली जलाने का सिलसिला तेज होने पर स्थिति भयावह हो सकती है। प्रदूषण की समस्या हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर बढ़ने के कारण बढ़ती है। हवा में पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 का 60 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से ज्यादा बढ़ते ही लोगों की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो जाती है।

हवा में लगातार बढ़ रहा प्रदूषण का स्तर


प्रदूषण के स्तर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नोएडा की हवा में पीएम 10 का स्तर 595 मिलीग्राम प्रति घन मीटर है। वहीं, गाजियाबाद की हवा में पीएम 2.5 का स्तर 352 मिलीग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया है। दोनों शहरों में बीमार लोगों को घर से बाहर न निकलने की चेतावनी है। मौसम विभाग की ओर से दिन में प्रदूषण का स्तर इसी प्रकार का रहने का अनुमान है। ऐसे में लोगों की समस्या पूरे दिन बनी रह सकती है। राजधानी लखनऊ में एक्यूआई 134 देखा जा रहा है। इस प्रकार यहां पर अभी हवा सामान्य महसूस हो रही है।
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