2023 में रिलीज हुई कुछ फिल्मों ने ये साबित किया है कि फिल्में चलने के लिए बड़ा बजट होना जरूरी नहीं है। इस साल रिलीज हुई ऐसी कई फिल्में हैं, जिन्हें बनाने में बहुत कम लागत लगी है। लेकिन फिल्मों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। 2023 की कम बजट में अच्छा प्रदर्शन करने वाली फिल्मों में 12th फेल, जरा हटके-जरा बचके, फुकरे-3, द केरल स्टोरी और ड्रीम गर्ल-2 शामिल है। आइए इन फिल्मों की कमाई और बजट पर एक नजर डालते हैं।
12th फेल का बजट और कलेक्शन
12th फेल हाल ही में रिलीज हुई थी। फिल्म को बनाने में लगभग 20 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। वहीं फिल्म रिलीज होने के बाद से ही लोगों को खूब पसंद आई। 12th फेल का अब-तक का नेट कलेक्शन 49 करोड़ रहा। विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म 12th फेल 27 अक्टूबर को रिलीज हुई थी। फिल्म की कहानी, एक्टिंग और डायरेक्शन हर चीज के लिए तारीफ हुई थी। फिल्म में IPS अधिकारी मनोज कुमार शर्मा की भूमिका निभाने वाले एक्टर विक्रांत मैसी ने बताया था कि 12वीं फेल ने ऑस्कर के लिए इंडिपेंडेंट नॉमिनेशन भी किया था।
विक्रांत मैसी द्वारा निभाए गए किरदार के लिए उन्हें काफी सराहना मिली। विधु विनोद चोपड़ा के साथ विक्रांत जल्द ही एक नए प्रोजेक्ट में नजर आ सकते हैं।
क्या है फिल्म की कहानी?
ये फिल्म राइटर अनुराग पाठक की बुक '12th फेल' पर बेस्ड है। फिल्म का टाइटल भी सेम ही रखा गया है। विधु विनोद चोपड़ा की ये फिल्म वैसे तो IPS मनोज कुमार शर्मा की असल जिंदगी से इंस्पायर्ड है, लेकिन इसमें देश के हर गांव और छोटे शहरों के युवाओं की कहानी है।
मध्य प्रदेश के चंबल इलाके के एक छोटे से गांव में रहने वाले मनोज कुमार शर्मा (विक्रांत मैसी) का सपना है कि वो किसी तरह नकल करके 12th पास कर ले जिससे कि उसको चपरासी की नौकरी मिल जाए, लेकिन फिर उसकी जिंदगी में कुछ ऐसा होता है जिससे कि उसका लक्ष्य ही बदल जाता है। फिल्म की कहानी मनोज के सपने को पूरा करने की लड़ाई के इर्द गिर्द घूमती है।
जरा हटके-जरा बचके का बजट और कलेक्शन
सारा अली खान और विक्की कौशल स्टारर फिल्म जरा हटके जरा बचके 2 जून को रिलीज हुई थी। फिल्म को बनाने में लगभग 40 करोड़ की लागत लगी थी। वहीं फिल्म ने भारत में कुल 88.35 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था। फिल्म का डायरेक्शन लक्ष्मण उतेकर ने किया था। सारा और विक्की की जोड़ी को लोगों ने इस फिल्म में काफी पसंद किया था। देखा जाए तो फिल्म का बजट काफी कम था, लेकिन फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन किया था।
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म में कपिल दुबे यानी कि विक्की कौशल एक जिम इंस्ट्रक्टर है और सौम्या चावला एक कोचिंग इंस्टीट्यूट की टीचर हैं। दोनों कॉलेज के समय से एक दूसरे को प्यार करते हैं और दोनों की शादी हो जाती है। जॉइंट फैमिली की दिक्कतों को झेलते हुए दोनों को प्राइवेसी नहीं मिल पाती। शुरुआत में ये सब सही लगता है लेकिन धीरे-धीरे ये बड़ी प्रॉब्लम बन जाती है।
हर मिडिल क्लास बीवी की तरह सौम्या अपना खुद का घर चाहती है जिसे वह खुद सजा पाए। दोनों मिलकर घर लेने की कोशिश तो करते हैं, लेकिन हजार कोशिशों के बाद घर नहीं ले पाते। बात इतनी आगे बढ़ जाती है कि ब्रोकर के कहने पर दोनों घर पाने की आड़ में अपना नकली तलाक करवाते हैं। कैसे दोनों सभी मुश्किलों के बावजूद अपने प्यार को जीतने देते हैं, इस हलके-फुल्के हंसी मजाक के साथ कहानी पूरी होती है जो फिल्म को पूरी तरह से एंटरटेनिंग बनाती है।
ड्रीम गर्ल-2 का बजट और कलेक्शन
आयुष्मान खुराना और अनन्या पांडे स्टारर फिल्म ‘ड्रीम गर्ल-2’ 35 करोड़ के बजट में बनाई गई थी। वहीं फिल्म ने भारत में लगभग 104.56 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था। इनके अलावा फिल्म में परेश रावल और अनू कपूर जैसे एक्टर भी नजर आए हैं। फिल्म को दर्शकों ने काफी पसंद किया था।
फिल्म की कहानी क्या है?
फिल्म में करम वीर (आयुष्मान खुराना) जगराते में परफॉर्म करते हैं। वो अपनी गर्लफ्रैंड परी (अनन्या पांडे) से शादी करना चाहता है, लेकिन परी के पापा (मनोज जोशी) इसके लिए राजी नहीं है। वो करमवीर से छह महीने में एक अच्छी नौकरी और अच्छा बैंक बैलेंस की डिमांड करते हैं। ऐसे में 12वीं फेल करमवीर के पास अपने अंदर छिपी पूजा को बाहर निकालने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
करम एक बार फिर पूजा बनते हैं। वो सोना भाई (विजय राज) की बार में डांसर के तौर पर काम शुरू करते हैं। इधर स्माइली (करम का दोस्त) जिस लड़की से शादी करना चाहता है, उसके पिता (परेश रावल) शर्त रखते हैं कि जब तक लड़की के बड़े भाई शाहरुख (अभिषेक बनर्जी) की शादी नहीं हो जाती है, वो बेटी का निकाह नहीं करेंगे।
वो कहते हैं कि जो लड़की शाहरुख से शादी करेगी, वो उसे 40 लाख का इनाम देंगे। ये सुनकर करम परी के पापा की शर्त जीतने के लिए पूजा बनके परेश रावल के घर पहुंच जाता है। पूजा के घर में आने के बाद भी कई तरह के ट्विस्ट सामने आते हैं। फिल्म की कहानी इसी पर आधारित है।
फुकरे-3 का बजट और कलेक्शन
कॉमेडी फिल्म फुकरे-3 इसी साल 8 सितंबर को रिलीज हुई थी। फुकरे-3 को बनाने में केवल 8 करोड़ रुपए की लागत लगी थी। वहीं फिल्म ने भारत में लगभग 96.65 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था। फिल्म में बतौर एक्टर पुलकित सम्राट, वरुण शर्मा, पंकज त्रिपाठी, मनजोत सिंह और ऋचा चड्ढा नजर आए थे। फिल्म में किसी तरह की वल्गर कॉमेडी नहीं यूज की गई है, फिर भी फिल्म लोगों को हंसाने में कामयाब रही।
फिल्म की कहानी क्या है?
‘फुकरे-3’ की कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां 'फुकरे रिटर्न्स' की कहानी खत्म हुई थी। फुकरे रिटर्न्स में ही फुकरे गिरोह ने जनता स्टोर खोला था, लेकिन स्टोर ठीक से चलता दिखाई नहीं देता है। वहीं फिल्म में भोली पंजाबन गैंगस्टर से राजनेता बनना चाहती हैं। चुनाव को लेकर भोली पंजाबन को पंडित जी (पंकज त्रिपाठी) से सबसे ज्यादा आस होती है।
वहीं, दूसरी तरफ फुकरे गिरोह, हनी, लाली और पंडित को लगता है कि अगर यह चुनाव भोली पंजाबन जीत गई तो वह और भी ज्यादा पावरफुल बनकर अपनी पावर का दुरुपयोग करेगी। इसी कारण भोली पंजाबन के सामने चुनाव मैदान में चूचा उतर जाते हैं। चुनाव अभियान के दौरान चूचा आम जनता के बीच लोकप्रिय बन जाते हैं। क्या भोली पंजाबन चूचे को अपने सामने टिकने देगी यही इस फिल्म की असली कहानी है।
द केरल स्टोरी का बजट और कलेक्शन
अदा शर्मा स्टारर फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ को बनाने में 15 से 20 करोड़ की लगात लगी थी। वहीं फिल्म ने भारत में कुल 242 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था। द केरल स्टोरी रियल स्टोरी से इंस्पायर्ड है। फिल्म में अदा शर्मा लीड भूमिका में नजर आई थीं।
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म द केरल स्टोरी की कहानी चार लड़कियों- शालिनी उन्नीकृष्णन (अदा शर्मा), गीतांजलि (सिद्धि इदनानी), नीमा (योगिता बिहानी), आसिफा बा (सोनिया बलानी) की है। यह चारों लड़कियां नर्सिंग कोर्स की पढ़ाई करने केरल यूनिवर्सिटी जाती हैं। वहां चारों एक साथ रहती हैं। एक एजेंडे के तहत आसिफा बा तीनों लड़कियों को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करती है, ताकि उन्हें ISIS आतंकी संगठन में शामिल करके अपने मकसद को पूरा करवाया जा सके।
आसिफा तीनों लड़कियों से कहती है, ‘इस दुनिया को सिर्फ अल्लाह चलाता है, सिर्फ अल्लाह।’ इस तरह धीरे-धीरे शालिनी और गीतांजलि, आसिफा के बिछाए जाल में फंसती चली जाती हैं। दोनों मुस्लिम लड़कों से प्यार करके शादी भी करती हैं, जबकि नीमा अपने धर्म और रीति-रिवाज पर कायम रहती है। शालिनी और गीतांजलि को आसिफा के जाल में फंसने का अहसास तब होता है, जब वे प्रताड़ित की जाती हैं।











