दौसा : राजस्थान में हाल ही में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। जैसे ही चुनाव आते है तो दौसा जिले में शांतिपूर्ण चुनाव करवाना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। इस बार भी विधानसभा चुनाव को दौसा प्रशासन एक चुनौती के रूप में ले रहा है। 1996 में जौण और 2009 में गोठड़ा मतदान केंद्र पर ट्रिपल पोल की ऐतिहासिक घटनाओं वाला जिला दौसा पूरे देश में इकलौता जिला है जहां ट्रिपल पोल कराने पड़े। ऐसे में इस बार चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो, इसके लिए 69 अर्द्धसैनिक बलों की कम्पनियों की डिमांड भेजी है।69 पैरामिलिट्री की कम्पनियां मांगी गईं
राजस्थान में गत 2018 के विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक दौसा को 57 अर्धसैनिक बलों की कम्पनियां मिली थी, इस बार दौसा प्रशासन ने 12 अधिक कम्पनियों की डिमांड करते हुए कुल 69 पैरामिलिट्री की कम्पनियां मांगी हैं। ऐसे में चुनाव के दौरान दौसा के प्रत्येक बूथ पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।प्रत्येक बूथ पर हथियारबंद जवान तैनात रहेंगे, बूथ की 200 मीटर की परिधि सुरक्षाकर्मियों के हवाले रहेगी साथ ही उपद्रवियों की दूर से ही पहचान करने के लिए बूथ की छतों पर हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे।
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात
राजस्थान के दौसा जिले में 23 नवंबर यानी पोल डे के दिन चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। एसपी वन्दिता राणा ने बताया कि चुनाव में किसी ने भी कानून व्यवस्था खराब करने की कोशिश की उसे तो सख्ती से निपटा जाएगा। इसी को लेकर शांतिपूर्ण मतदान करने की सभी से अपील भी की गई जिससे किसी प्रकार का माहौल न बिगड़े।