अमेरिका से भारतीयों के डिपोर्ट होने पर 4 ट्विस्ट रहे:लिस्ट-विमान लैंडिंग की टाइमिंग बदली

अमेरिका से भारतीयों के डिपोर्ट होने पर 4 ट्विस्ट रहे:लिस्ट-विमान लैंडिंग की टाइमिंग बदली

अमेरिका से डिपोर्ट किए गए 104 भारतीयों को लेकर अमेरिकी सेना का विमान बुधवार (5 फरवरी) को अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। इनमें हरियाणा और गुजरात के 33-33, पंजाब के 30 लोग भी शामिल थे। दोपहर 2 बजे अमेरिकी एयरफोर्स का C-17 ग्लोबमास्टर विमान अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरा।

यहां करीब साढ़े 3 घंटे तक डिपोर्ट हुए लोगों की वैरिफिकेशन हुई। शाम करीब साढ़े 5 बजे लोगों की घर वापसी शुरू हुई। इन्हें डिपोर्ट करने के मामले में 4 ट्विस्ट सामने आए। डिपोर्ट हुए भारतीयों की संख्या और उनके अमृतसर पहुंचने की टाइमिंग में भी लगातार बदलाव देखने को मिला।

1. पहले 205 भारतीय बताए गए, लिस्ट 186 की, पहुंचे 104 अलग-अलग रिपोर्ट्स में ये बात सामने आई कि अमेरिका ने कुल 205 अवैध भारतीयों को डिपोर्ट किया है। ये सभी विमान में लाए जा रहे हैं। हालांकि, 10 बजने तक 186 भारतीयों की लिस्ट सामने आ गई, जिसके बाद दावा किया गया कि 186 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है।

मगर, दोपहर 2 बजे अमेरिकी एयरफोर्स का विमान सी-17 ग्लोबमास्टर 104 भारतीयों को लेकर अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बाकी बचे लोग कहां हैं और कब डिपोर्ट किए जाएंगे। वहीं, अमृतसर पहुंचे 104 लोगों के एयरपोर्ट पर दस्तावेज की जांच करने के बाद उन्हें घरों की तरफ रवाना कर दिया गया।

2. US मिलिट्री के विमान के पहुंचने की टाइमिंग बदली 104 भारतीयों के लेकर पहुंचे US मिलिट्री के विमान की टाइमिंग को लेकर लगातार बदलाव देखने को मिला। पहले बताया गया कि विमान सुबह 8 से 9 बजे के बीच अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड कर जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

इसके बाद इसकी टाइमिंग 1 बजे की बताई गई, लेकिन विमान एयरपोर्ट पर दोपहर 2 बजे लैंड हुआ। विमान के पास अमेरिकी सेना के जवान तैनात किए गए थे। 104 भारतीयों को अमृतसर एयरपोर्ट स्थित एयरफोर्स के एयरबेस के गेट से बाहर निकाला गया।

3. पैसेंजर टर्मिनल के बजाए एयरफोर्स के एयरबेस पर उतरा विमान पहले माना जा रहा था कि अमेरिकी मिलिट्री का विमान अमृतसर के पैसेंजर टर्मिनल पर उतारा जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विमान पैसेंजर टर्मिनल के बजाय एयरफोर्स के एयरबेस पर उतरा। यानी डिपोर्ट हुए लोगों को आम नागरिकों की तरह ट्रीट नहीं किया गया।

इस दौरान वहां कड़ी सुरक्षा रही। वहां पर किसी को भी जाने की अनुमति नहीं थी। मीडिया को भी आधा किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया। वहीं, इसका पैसेंजर टर्मिनल पर असर नहीं दिखा। यहां रूटीन की तरह सारा काम हुआ। एयरपोर्ट पर वायुसेना के एंट्री गेट पर पुलिस तैनात कर दी गई थी।

4. परिवार को आने से रोका, डिपोर्ट हुए लोगों को पुलिस घर ले गई इस मामले में चौथा ट्विस्ट यह रहा कि डिपोर्ट हुए लोगों के परिवार को एयरपोर्ट आने से रोक दिया गया। पहले कहा गया था कि वे अपने परिजनों को एयरपोर्ट के बाहर से साथ ले जा सकते हैं। हालांकि, जब वे डिपोर्ट होकर एयरबेस पर पहुंचे तो किसी के परिजन वहां नहीं पहुंचे। ऐसे में माना जा रहा है कि पुलिस ने उनको आने से रोक दिया। उन्हें कड़ी सुरक्षा में पुलिस वाले ही घर छोड़ने के लिए पहुंचे।


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